Patna NEET Student Death Case: पटना NEET छात्रा मौत मामले में CBI ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है. टीम लगातार अलग-अलग एंगल से पड़ताल कर रही है. परिवार, पुलिस अफसरों और संबंधित लोगों से दोबारा पूछताछ की जा रही है. CBI टीम ने छात्रा के एक अन्य मामा से जहानाबाद में पूछताछ की. मामी से गया में बात की गई. अधिकारियों ने घटनाक्रम की टाइमलाइन समझने की कोशिश की. परिवार से जुड़े हर व्यक्ति से अलग-अलग सवाल किए जा रहे हैं.
निलंबित SI हेमंत झा से 4 घंटे सवाल-जवाब
कदमकुआं थाना के निलंबित दारोगा हेमंत झा से गुरुवार को करीब चार घंटे तक पूछताछ हुई. एफएसएल रिपोर्ट के बाद सबूत जुटाने में लापरवाही के आरोप में उन्हें सस्पेंड किया गया था. इसी मामले में चित्रगुप्तनगर थाने की थानेदार रोशनी कुमारी भी निलंबित हैं. जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि शुरुआती कार्रवाई में क्या-क्या चूक हुई.
CBI ने पूछे ये तीन बड़े सवाल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, CBI ने निलंबित SI से कई तीखे सवाल किए. उनमें ये तीन सवाल बेहद अहम रहे.
- सवाल 1: छात्रा के प्रभात हॉस्पिटल पहुंचने के बाद उसके कपड़े क्यों जब्त नहीं किए गए?
- सवाल 2: कपड़े परिजनों तक कैसे पहुंचे? पुलिस को वे किस आधार पर दिए गए?
- सवाल 3: पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट में रेप की बात आने के बाद भी केस को सुसाइड कैसे माना गया?
पप्पू यादव का SSP पर हमला
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पटना पुलिस पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि SSP उन्हें बिहार आने से रोकना चाहते हैं. उनकी Y श्रेणी सुरक्षा में तैनात जवानों को वापस बुलाने का आरोप भी लगाया. फेसबुक लाइव में भी उन्होंने पटना SSP और SP की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि मनीष को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है और हॉस्टल मालिक को अब तक क्यों नहीं पकड़ा गया.
परिवार अब भी हॉस्टल पर अड़ा
छात्रा के चाचा ने कहा कि परिवार अपने पुराने आरोप पर कायम है. उनका कहना है कि घटना की सच्चाई पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल के अंदर ही छिपी है. परिवार शुरू से ही हॉस्टल प्रबंधन पर शक जता रहा है. उन्होंने कहा कि CBI ने पहले दिन परिवार से बात की थी. तब उन्हें सुझाव दिया गया कि हॉस्टल संचालिका, उसके बेटे और वार्डेन को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाए.
जांच का फोकस अब क्या?
CBI अब मेडिकल रिपोर्ट, पुलिस की शुरुआती कार्रवाई और हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका को जोड़कर देख रही है. सवाल यह है कि क्या शुरुआती जांच में गंभीर चूक हुई? या फिर किसी ने जानबूझकर दिशा बदलने की कोशिश की?
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