पटना हॉस्टल कांड: कौन है शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मालिक मनीष? 5 साल पहले आया पटना, चपरासी से बना करोड़ों का मालिक

Patna NEET Chhatra Case: NEET छात्रा मौत मामले में गिरफ्तार किए गए गर्ल्स हॉस्टल का मालिक मनीष कौन है? उसका पिछला रिकॉर्ड क्या है और वह इतनी जल्दी करोड़ों का मालिक कैसे बन गया. इस खबर में पढ़िए पूरी जानकारी...

शंभू गर्ल्स हॉस्टल की तस्वीर, गोल घेरे में मालिक मनीष चंद्रवंशी

Patna NEET Chhatra Case: (रोहित वर्मा, पटना) पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में जांच लगातार तेज हो रही है. रविवार को SIT यानी विशेष जांच टीम एक्शन में दिखी. टीम प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंची. शनिवार को टीम शंभू गर्ल्स हॉस्टल भी पहुंची थी. जहां से पुलिस को कई अहम जानकारियां हाथ लगी. सबके मन में बस यही सवाल है कि कौन है शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मालिक? वह क्या करता है?

कहां का रहने वाला है मनीष चंद्रवंशी?

शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मालिक का नाम मनीष चंद्रवंशी है. मनीष मूल रूप से जहानाबाद जिले का रहने वाला है. साल 2020 में वह जहानाबाद से पटना आया था. पटना आने के बाद उसने एक प्राइवेट हॉस्पिटल में नौकरी शुरू की. वहां वह फोर्थ ग्रेड स्टाफ के तौर पर काम करता था. उस वक्त उसकी मासिक सैलरी करीब 15 हजार रुपये थी.

ऑक्सीजन सप्लाई की एजेंसी भी शुरू की

कोरोना काल के दौरान मनीष ने ऑक्सीजन सप्लाई की एजेंसी शुरू की. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इसके लिए पैसा कहां से आया. एजेंसी का टेंडर किसने दिया. इस दौरान मनीष की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव हुआ. आज मनीष के नाम पर पटना में कई जमीन और बिल्डिंग्स बताई जा रही हैं. जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है. इतना ही नहीं, मनीष अपने गांव से मुखिया का चुनाव लड़ने की तैयारी में भी था.

मनीष पर पहले से भी है मुकदमा

मनीष का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है. उसके खिलाफ शादी समारोह में हर्ष फायरिंग का मामला दर्ज है. उस घटना में गोली चलने से एक युवक घायल भी हुआ था. पुलिस अब मनीष से जुड़े पुराने मामलों की भी जांच कर रही है.

शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची छात्राएं

जिस शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा रह रही थी, वहां रहने वाली दूसरी छात्राएं भी रविवार को हॉस्टल के बाहर पहुंचीं. छात्राएं अपने माता-पिता के साथ अपना सामान लेने आई थीं. लेकिन हॉस्टल सीज है. अंदर ताला लगा हुआ है. सभी का सामान अंदर ही पड़ा है. पुलिस छात्राओं को थाने बुला रही है. इससे छात्राओं की परेशानी और बढ़ गई है.

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Published by: Abhinandan Pandey

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