Patna News : पटना नगर निगम के कर्मियों की हड़ताल गुरुवार को आठवें दिन खत्म हो गई है. कर्मचारियों ने मौर्यालोक परिसर में प्रदर्शन किया. 30 जुलाई से जारी इस हड़ताल के कारण राजधानी की सफाई व्यवस्था ठप हो गई थी. 8000 से अधिक हड़ताली कर्मियों की जगह निगम प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत 75 वार्डों में 1500 अतिरिक्त कर्मी यानी हर वार्ड में 20 को लगाने के निर्देश दिये थे. लेकिन, केवल 200 से 300 कर्मी ही काम पर मिल पा रहे हैं. नतीजा यह है कि 8000 से अधिक कर्मियों के भरोसे चलने वाला शहर महज 300 निजी कर्मियों के सहारे है.
शहर में हर दिन लगभग 1200 टन कचरा निकलता है. हड़ताल के दौरान अब तक जमा हुए करीब 8400 टन कचरे में से निगम प्रशासन रात के समय केवल 1800 टन ही उठा पाया है, यानी 6600 टन से अधिक कचरा अब भी सड़कों, चौराहों और खाली भूखंडों में सड़ रहा है. रात में जो थोड़ी-बहुत सफाई होती भी है, सुबह लोग फिर से वहां कचरा फेंक देते हैं. इसके अलावा हड़ताल के कारण फॉगिंग, एंटी-लार्वा व ब्लीचिंग का छिड़काव और मृत पशुओं को हटाने का काम भी पूरी तरह ठप पड़ा है. इससे मच्छरों का प्रकोप व संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ रहा है.
शहर के इन इलाकों में स्थिति सबसे खराब
न्यू मार्केट, श्रीकृष्णा नगर, एजी कॉलोनी, किदवईपुरी, इंद्रपुरी, अटल पथ सर्विस लेन, मीठापुर मेन रोड, राजीव नगर, गांधी मैदान, नया टोला, मछुआ टोली, गर्दनीबाग, ट्रांस्पोर्ट नगर सहित कई इलाकों में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है.
कचरे की बदबू से राह चलना मुश्किल
बारिश के कारण कचरा सड़ने लगा है और उठती दुर्गंध से लोगों का राह चलना दूभर हो गया है. डंपिंग प्वाइंट्स व सड़कों पर बिखरा कचरा नालियों में जाने से जलजमाव की भी नई समस्या खड़ी होने की आशंका बन गई है, जिससे आम नागरिकों, राहगीरों व दुकानदारों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है.
करीब 150 वाहनों से रात में हुआ 300 टन कचरा उठाव
सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच पटना नगर निगम प्रशासन ने करीब 150 वाहनों के जरिये शहर के विभिन्न इलाकों से करीब 300 टन कचरे का उठाव किया. निगम प्रशासन एक तरफ हड़ताली कर्मियों से काम पर लौटने की अपील करता रहा, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा बलों की निगरानी में रात में विशेष सफाई अभियान चलाया गया. नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, अजीमाबाद, बांकीपुर और पटना सिटी अंचल के प्रमुख रास्तों, अस्पतालों व कमर्शियल इलाकों से कचरा हटाया गया. हालांकि इस बीच हड़ताली कर्मी वाहनों का टायर पंचर कर भी अपना विरोध जताते रहे.
निगम ने एजेंसी पर लगाया 62.9 करोड़ का जुर्माना
इधर पटना नगर निगम ने वाहन चालक उपलब्ध कराने वाली एजेंसी मौर्यम कार्स ऑटो सर्विस पर छह दिनों के लिए 62 करोड़ 98 लाख 14 हजार 600 रुपये की पेनाल्टी लगाई है. साथ ही, तीसरी बार शोकॉज दिया गया है. इन्हें 24 घंटे के भीतर पेनाल्टी की राशि निगम कोष में जमा करने के निर्देश दिए गये हैं. अगर राशि जमा नहीं किया तो एकरारनामा रद्द किया जायेगा.
आउटसोर्सिंग एजेंसी के तहत निगम के पास 4822 कर्मी हैं. इनमें मुख्य रूप से करीब सात सौ से अधिक कर्मी चालक हैं. चालक नहीं होने से डोर-टू-डोर कचरा वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है.
प्रति घर 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया
नगर निगम ने एजेंसी के साथ हुए करार की क्लॉज-6 के तहत कार्रवाई की है. शहर में करीब 5.6 लाख हाउसहोल्ड्स हैं. कचरा संग्रह नहीं होने पर प्रति घर 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसके अलावा, वाहन उपलब्ध नहीं रहने या निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने पर प्रति डोर-टू-डोर वाहन 500 रुपये का जुर्माना तय है.
प्रति सफाई कर्मी 300 रुपये एजेंसी पर जुर्माना
सफाई कर्मियों के अनुपस्थित होने की वजह से दो अन्य एजेंसियों पर भी जुर्माना लगाया गया है. अबतक वर्चुअस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर 27.47 लाख और एम4 सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड पर 21.01 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
बता दें कि इन दोनों एजेंसियों के तहत करीब 3290 कर्मी हैं. इनमें अनुपस्थित रहने वाले प्रति व्यक्ति पर 300 रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाया गया है. दोनों को मिलाकर करीब 48.48 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. दरअसल, आउटसोर्सिंग एजेंसी की जिम्मेदारी है कि वह हर दिन नगर निगम को कर्मी मुहैया कराए.
