Patna Municipal Corporation : पटना नगर निगम क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और जनस्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करने के लिए राजाघाट में मेट्रोपोलिटन सर्विलांस यूनिट (MSU) की अत्याधुनिक बीएसएल-II लैब और डेटा सेंटर बनकर तैयार हो गया है. इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) के तहत स्थापित इस यूनिट से शहर में संक्रामक रोगों की निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.
33 से अधिक संक्रामक बीमारियों की होगी निगरानी
इस हाईटेक सर्विलांस यूनिट का मुख्य उद्देश्य डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड समेत 33 से अधिक अधिसूचित संक्रामक बीमारियों की लगातार निगरानी करना है. इसके अलावा कोविड-19, इबोला और निपाह जैसी नई और उभरती संक्रामक बीमारियों के संभावित प्रकोप, संक्रमण के पैटर्न और फैलाव पर भी विशेषज्ञों की नजर रहेगी. लैब में एकत्र होने वाले आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर समय रहते प्रभावी रणनीति तैयार की जाएगी.
सरकारी और निजी अस्पतालों से जुटाया जाएगा डेटा
सर्विलांस प्रणाली के तहत पटना के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, क्लीनिकों तथा पैथोलॉजी लैब से संक्रामक रोगों से संबंधित आंकड़े नियमित रूप से इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे. राजाघाट स्थित कमांड सेंटर, हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर और आधुनिक प्रयोगशाला में विशेषज्ञ इन आंकड़ों का विश्लेषण करेंगे. इसके आधार पर बीमारी नियंत्रण और रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
छह सदस्यीय विशेषज्ञ टीम संभालेगी जिम्मेदारी
मेट्रोपोलिटन सर्विलांस यूनिट के संचालन के लिए छह सदस्यीय विशेषज्ञ टीम की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इस टीम में पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, वित्त विशेषज्ञ, आईटी मैनेजर, डेटा मैनेजर और मल्टीपर्पज वर्कर शामिल हैं. यह टीम जल्द ही जनस्वास्थ्य निगरानी और संक्रामक रोगों की रोकथाम से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेगी.
बीमारियों पर समय रहते होगी प्रभावी कार्रवाई
विशेषज्ञों का मानना है कि अत्याधुनिक लैब और डेटा सेंटर शुरू होने से संक्रामक रोगों की पहचान पहले से अधिक तेजी और सटीकता के साथ हो सकेगी. इससे बीमारी फैलने से पहले ही आवश्यक निवारक और सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकेंगे, जिससे पटना में जनस्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा.
