Patna Municipal Corporation: पटना नगर निगम (Patna Municipal Corporation) ने नागरिक सुविधा को पारदर्शी व सुगम बनाने के लिए अपने सभी एसेट्स को डिजिटल कर रहा है. इससे लोग मोबाइल पर निगम क्षेत्र की सभी जानकारी आसानी से देख सकेंगे. बाहर से भी आए लोगों को भी शौचालय, पार्क, पार्किंग, निगम ऑफिस सहित 20 से अधिक तरह की जानकारी आसानी से मिल जायेगी. इसके लिए निगम क्षेत्र के सभी सार्वजनिक एसेट्स की जीआइएस टैगिंग कराई गई है. इन संपत्तियों की वार्डवार विस्तृत सूची तैयार कर इसे निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव कर दिया गया है.
इस पहल का सीधा लाभ वार्ड के लोगों को मिलेगा. घर बैठे अपने वार्ड, सफाई अधिकारियों व जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति भी देख सकेंगे. फिलहाल यह पूरी सुविधा वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है, जबकि नागरिक केंद्रित एक विशेष मोबाइल ऐप भी तैयार किया जा रहा है. जल्द ही इसे लॉन्च किया जाएगा, जिसके बाद लोग इसे डाउनलोड कर सीधे अपने मोबाइल पर इन डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे.
गेट माय वार्ड से सीधे संपर्क में रहेंगे जिम्मेदार अधिकारी
नागरिक केंद्रित डिजिटल टूल के तौर पर ‘गेट माय वार्ड’ पोर्टल तैयार किया गया है. इससे निवासियों व स्थानीय प्रशासन के बीच का अंतर समाप्त होगा. वेबसाइट पर इस विकल्प को चुनते ही यूजर की लोकेशन के अनुसार संबंधित वार्ड की ट्रैकिंग हो जाएगी. इसके तुरंत बाद वार्ड का नाम और वहां तैनात कार्यपालक पदाधिकारी (इओ), सिटी मैनेजर, सीएसआइ, एसआइ, कार्यपालक अभियंता व सहायक अभियंता आदि के नाम व मोबाइल नंबर स्क्रीन पर प्रदर्शित होने लगेंगे. इसके अलावा, नागरिकों को अपने क्षेत्र की प्रशासनिक सीमाओं को समझने के लिए संबंधित वार्ड का पूरा डिजिटल नक्शा भी उपलब्ध कराया गया है.
मैनहोल की मॉनिटरिंग से दूर होगी जल निकासी की समस्या
मानसून व अन्य दिनों में जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निगम ने शहर के ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तृत मैप तैयार किया है. वेबसाइट के दूसरे विकल्प पर क्लिक करते ही शहर के सभी 75 वार्डों की सूची खुलेगी. संबंधित वार्ड का चयन करने पर वहां स्थित मैनहोल, कैचपिट व स्लैब की सटीक लोकेशन, गहराई, आकार, ढक्कन की स्थिति और सिल्ट लेवल जैसी तकनीकी जानकारियां फोटो और वीडियो के साथ प्राप्त की जा सकेंगी. इससे मानसून या किसी भी आपात स्थिति में निगम मुख्यालय को जलजमाव और अवरोधों की त्वरित जानकारी मिलती रहेगी.
18 नागरिक सुविधाओं की लोकेशन व रूट मैप उपलब्ध
तीसरे विकल्प ‘पीएमसी एसेट्स’ के माध्यम से शहर की 18 महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों को एक ही डिजिटल मैप पर प्रदर्शित किया गया है. इसमें पब्लिक टॉयलेट, पार्क, सीसीटीवी, श्मशान घाट, संप हाउस, वाटर पंप हाउस, जर्मन हैंगर, म्यूनिशिपल व्हीकल यार्ड जैसी नागरिक सुविधाएं शामिल हैं. उदाहरण के लिए, जैसे ही कोई नागरिक वेबसाइट पर पब्लिक टॉयलेट विकल्प को चुनेगा, उसे तुरंत उसकी वर्तमान स्थिति, उसकी लोकेशन से दूरी, वहां तक पहुंचने का रूट मैप और शौचालय की स्थिति की पूरी जानकारी मिल जाएगी.
11.51 लाख वर्ग फुट एरिया को विज्ञापन के लिए किया चिन्हित
चौथे विकल्प के तहत निगम क्षेत्र में लगे सभी होर्डिंग व विज्ञापन बोर्डों का व्यवस्थित मूल्यांकन और मानचित्रण किया गया है. इस विकल्प पर क्लिक करके अंचल, वार्ड, ओनरशिप और संबंधित एजेंसी का चयन कर विज्ञापन के लिए उपलब्ध वैध एरिया की जानकारी ली जा सकती है. इसके जरिए वर्तमान में लगे विज्ञापनों की जगह, एजेंसी का नाम और कुल क्षेत्रफल स्पष्ट देखा जा सकेगा. पटना नगर निगम के अंतर्गत कुल 11.51 लाख वर्ग फुट एरिया विज्ञापन के लिए चिन्हित है, जिससे अवैध होर्डिंग्स पर रोक लगाने और राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी.
इतने एसेट्स का सर्वे कर किया सार्वजनिक
| एसेट (Asset) | संख्या |
| मैनहोल | 53,606 |
| कैचपिट | 41,594 |
| होर्डिंग/विज्ञापन बोर्ड | 1,091 |
| सीसीटीवी | 378 |
| पब्लिक टॉयलेट | 18 |
| पार्क | 36 |
| वाटर पंप हाउस | 52 |
| संप हाउस | 55 |
| पार्किंग स्थल | 51 |
| वीएमडी (VMD) | 15 |
| शवदाहगृह | 5 |
| जर्मन हैंगर | 9 |
सभी एसेट्स को डिजिटल करने से पारदर्शिता बढ़ेगी. लोग अपने मोबाइल के जरिए नजदीकी पार्क, शौचालय, पार्किंग सहित अन्य की जानकारी आसानी से ले सकेंगे. निगम मुख्यालय से भी होर्डिंग, मैनहोल, नाला सहित अन्य की लाइव ट्रैकिंग की जा सकेगी. (यशपाल मीणा, नगर आयुक्त)
