Patna Municipal Corporation : पटना नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही संपत्ति कर वसूली में बेहतर प्रदर्शन किया है. निगम ने 1 अप्रैल से 16 जून तक 31 करोड़ रुपये से अधिक का प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह किया है. यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि में हुई करीब 30 करोड़ रुपये की वसूली से अधिक है. खास बात यह है कि इस बार कर जमा करने वाले संपत्ति मालिकों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में कम रही है.
ऑनलाइन भुगतान का बढ़ा दायरा
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार 16 जून तक कुल 94,553 संपत्ति मालिकों ने टैक्स जमा किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 98,338 थी. इसके बावजूद राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस वर्ष भी ऑनलाइन भुगतान का दबदबा कायम रहा. कुल करदाताओं में 57,541 लोगों ने डिजिटल माध्यम से टैक्स जमा किया. निगम का पोर्टल सबसे अधिक उपयोग किया गया, जबकि भारत बिल पेमेंट सिस्टम दूसरा प्रमुख माध्यम रहा.
30 जून तक मिलेगा 5 फीसदी का लाभ
समय पर कर भुगतान को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम द्वारा पूरे वित्तीय वर्ष का टैक्स एकमुश्त जमा करने पर 30 जून तक 5 प्रतिशत की छूट दी जा रही है. कर संग्रह बढ़ाने के लिए निगम ने जागरूकता अभियान भी तेज कर दिया है. प्रतिदिन करीब दो लाख संपत्ति मालिकों को एसएमएस रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं. इसके अलावा कंट्रोल रूम से सीधे संपर्क कर करदाताओं को टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. घर-घर कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से भी टैक्स भुगतान से जुड़े संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं.
200 करोड़ रुपये वसूली का रखा गया लक्ष्य
नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह का लक्ष्य बढ़ाते हुए 200 करोड़ रुपये निर्धारित किया है. पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने 125 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स संग्रह किया था. इस बार लक्ष्य हासिल करने के लिए बिजली कनेक्शन के आधार पर नए सिरे से कर निर्धारण की रणनीति तैयार की गई है.
1.84 लाख भवन अब भी टैक्स दायरे से बाहर
राजधानी में करीब 5.95 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जबकि नगर निगम के रिकॉर्ड में मात्र 3.06 लाख संपत्तियां ही दर्ज हैं. एक से अधिक बिजली मीटर वाले भवनों को अलग करने के बाद भी लगभग 1.84 लाख भवन ऐसे हैं जो अभी तक टैक्स के दायरे से बाहर हैं. निगम को उम्मीद है कि विशेष अभियान के बाद पंजीकृत संपत्तियों की संख्या बढ़कर 4.90 लाख तक पहुंच जाएगी.
कर चोरी पर निगम की नजर
जानकारों का मानना है कि कई भवन मालिक अतिरिक्त बिजली कनेक्शन लेकर सब्सिडी का लाभ तो ले रहे हैं, लेकिन भवन में अतिरिक्त फ्लोर निर्माण के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं कर रहे हैं. नगर निगम ऐसे भवनों की पहचान कर उन्हें कर दायरे में लाने की तैयारी में जुटा है.
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