Patna News: राजधानी में निर्माण कार्यों के चलते क्षतिग्रस्त सड़कों को पटना नगर निगम की ओर से भी दुरुस्त किया जा रहा है. शहर की कुल 186 सड़कों को मरम्मत के लिए चिह्नित किया गया था, जिनमें से 120 सड़कों का काम जून माह तक पूरा कर लिया गया. मरम्मत की गई इन सड़कों की कुल लंबाई करीब 41 किलोमीटर है. इसके अलावा 15 अन्य सड़कों पर काम लगभग पूरा हो गया है. वहीं, फंड की कमी, यूटिलिटी शिफ्टिंग व काम की धीमी रफ्तार की वजह से करीब 51 सड़कों के रिस्टोरेशन का काम पूरा नहीं हो सका.
अब इन 51 सड़कों की मरम्मत अब मानसून खत्म होने के बाद की जाएगी. वही, मानसून को देखते हुए निगम ने जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए हैं. इसके तहत शहर के 5 लाख 65 हजार 390 मीटर लंबे नालों की उड़ाही का काम पूरा कर लिया गया है.बड़े नालों व मैनहोल को दो से तीन बार सफाई की गयी है. नगर आयुक्त ने सख्त हिदायत दी है कि निरीक्षण के दौरान यदि कहीं भी खुला निर्माण, मैनहोल या गड्ढा दिखे, तो तुरंत रेड फ्लैग लगाकर उसकी मार्किंग की जाए. साथ ही, तुरंत निगम, बुडको, मेट्रो, गेल व बीएसआरडीसी जैसी संबंधित एजेंसियों से तालमेल बिठाकर इसे ठीक कराया जाए.
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मछुआ टोली, कदमकुआं, इंद्रपुरी सहित अन्य इलाकों में मरम्मति का काम पूरा
शहर के अक्षय नगर रोड नंबर-1, मछुआ टोली चौराहा से जंगी मस्जिद चौराहा तक, राजेंद्र नगर रोड नंबर-1, न्यू अजीमाबाद कॉलोनी सेक्टर-ए, गंगा घाट रोड, पीर मुहानी गली नंबर 1 व गली नंबर 2, राजेंद्र पथ कदमकुआं, सुदामा चाय दुकान से वेस्ट साइड ऑफ गुड्डू बरवानल हाउस, कंकड़बाग में ज्योतिष पथ बाबा रोड से कैंसर अस्पताल तक, आरा गार्डन, जगदेव पथ, एसकेपुरी, बेउर, शिवपुरी, मजिस्ट्रेट कॉलोनी रोड नंबर 2, इंद्रपुरी रोड नंबर 4 व रोड नंबर 15, गेट नंबर 93 नियर सेंट माइकल्स स्कूल सहित अन्य इलाके के सड़कों की मरम्मति का काम पूरा कर लिया गया है.
जुलाई से खुदाई पर रोक, स्कूल, अस्पताल सहित अन्य पर रहेगी फोकस
पटना नगर निगम ने जुलाई की शुरुआत से ही सड़क मरम्मत व रेस्टोरेशन के अलावा सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है. जलापूर्ति या अन्य परियोजनाओं के लिए खोदी गई सड़कों को अस्थाई रूप से ठीक कर दिया गया है. निगम का मुख्य फोकस इस बार रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, प्रमुख बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों और झुग्गी-झोपड़ियों वाले इलाकों पर है. इन संवेदनशील जगहों की निगरानी सीधे मुख्यालय स्तर से की जा रही है, ताकि आम जनता को जलजमाव से परेशानी न हो.
करबिगहिया, गांधी मैदान सहित आठ इलाकों में जलजमाव की आशंका
पटना नगर निगम की टीम की ओर से करबिगहिया व गांधी मैदान के गेट नंबर 3 की पहचान की गई है, जहां निर्माण कार्यों के चलते नाले का सही निकास न होने से पानी रुकने का खतरा है. नए विकसित हो रहे आवासीय क्षेत्र एफसीआई एरिया, आरके नगर व मे फ्लावर कॉलोनी में भी आशंका जताई गई है. वहीं, बादशाही नाले के दक्षिणी छोर पर तेजी से बस रहे सोनालिका नगर, पैजावा नगर व संविधान नगर को भी चिन्हित किया गया है. क्योंकि, तेज बारिश में बादशाही नाला ओवरफ्लो होते ही इन इलाकों में पानी भरने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है.
क्यूआरटी व पंपसेट तैनात, कंट्रोल रूम से होगी मॉनिटरिंग
जलजमाव से निपटने के लिए निगम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में भारी क्षमता वाले पंपसेट तैनात किए हैं. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 19 क्विक रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है. इन टीमों को विशेष वाहनों के साथ चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है. लोगों की ओर से शिकायत मिलने या जलजमाव की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके.
लाइट का स्वीच फेल होने या कार्बन जमने पर विशेष टीम करेगी मरम्मत
बारिश के दौरान स्ट्रीट लाइटों के स्विच फेल होने व कार्बन जमा होने जैसी तकनीकी समस्याओं को देखते हुए वार्ड स्तर पर अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं. इन टीमों को शिकायतों का त्वरित समाधान करने की जिम्मेदारी दी गई है. फिलहाल पटना नगर निगम के पास स्ट्रीट लाइटों से जुड़ी करीब 250 से 300 शिकायतें लंबित हैं. करीब 12 सौ लाइटें खराब है. हालांकि, इइएसएल की टीम इसपर काम कर रही है.
