WATCH VIDEO : पटना के मीनार घाट राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या-क्या इंतजाम? देखिए पूरी Ground Report

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पटना में गंगा के बढ़े जलस्तर के बीच दीघा घाट पर चलाए जा रहे राहत शिविर की पूरी रिपोर्ट. यहां बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन, स्वास्थ्य जांच और पशुओं के चारे की भी व्यवस्था है.

Flood Relief Camp: गंगा के बढ़े जलस्तर के बीच पटना के दीघा घाट स्थित मीनार घाट में जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर चलाया जा रहा है. शिविर में प्रभावित लोगों के रहने, भोजन, स्वास्थ्य जांच और दवाओं के साथ पशुओं के लिए भी चिकित्सा एवं चारे की व्यवस्था की गई है. प्रभात खबर डिजिटल की ग्राउंड रिपोर्ट में राहत शिविर में उपलब्ध सुविधाओं और लोगों की स्थिति का जायजा लिया गया.

सुबह-शाम 1500 से 1800 लोगों के लिए तैयार हो रहा खाना

राहत शिविर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित लोग भोजन कर रहे हैं. शिविर से जुड़े कर्मियों के अनुसार, सुबह के भोजन के दौरान करीब 1500 से 1800 लोग खाना खाते हैं. सुबह का भोजन करीब 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलता है. वहीं, शाम का भोजन करीब 7 बजे से शुरू होकर रात 10 से 11 बजे तक चलता है.

कर्मियों ने बताया कि देर रात तक यदि कोई बाढ़ प्रभावित व्यक्ति भोजन के लिए पहुंचता है तो उसे भी खाना उपलब्ध कराया जाता है. भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखने की बात भी कही गई.

किचन में साफ-सफाई और गुणवत्ता की हो रही जांच

राहत शिविर के किचन में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. शिविर से जुड़े कर्मियों ने बताया कि भोजन लोगों को देने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच की जाती है. किचन और भोजन बनाने की प्रक्रिया का नियमित निरीक्षण भी किया जाता है.

शिविर में लोगों के लिए बुफे सिस्टम की व्यवस्था है. भोजन करने के लिए कुर्सी और टेबल लगाए गए हैं. खाना खाने के बाद आराम करने के लिए भी शिविर में व्यवस्था की गई है.

50 से अधिक बेड, बीमार लोगों के लिए भी इंतजाम

राहत शिविर में जरूरतमंद लोगों के आराम के लिए करीब 50 से अधिक बेड लगाए गए हैं. खासकर बुजुर्ग और बीमार लोगों को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है. इसके अलावा शिविर में मेडिकल कैंप भी संचालित हो रहा है, जहां डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी बाढ़ प्रभावित लोगों की जांच कर रहे हैं.

मेडिकल कैंप में एक शिफ्ट में पहुंचे 47 मरीज

मेडिकल कैंप में तैनात डॉक्टर के अनुसार, यहां तीन शिफ्ट में स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. दोपहर 2 बजे से शाम 8 बजे की शिफ्ट के दौरान रिपोर्ट तैयार किए जाने तक 47 मरीज जांच के लिए पहुंच चुके थे. मरीजों के नाम, उम्र, मोबाइल नंबर और बीमारी से संबंधित जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जा रही है.

डॉक्टर ने बताया कि अधिकतर लोग सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं. हालांकि, जरूरत पड़ने पर गंभीर मामलों को अस्पताल भी भेजा जाता है.

बाढ़ प्रभावित लोगों ने राहत व्यवस्था को बताया संतोषजनक

शिविर में रह रहे लोगों ने बताया कि सरकार की ओर से सामुदायिक किचन के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा राहत सामग्री और पशुओं के लिए चारे की भी व्यवस्था की जा रही है. लोगों ने बताया कि उन्हें सुबह और शाम भोजन मिल रहा है और भोजन की गुणवत्ता को लेकर फिलहाल कोई शिकायत नहीं है.

शिविर में मौजूद एक पंचायत के मुखिया रामधेश सिंह यादव ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से यहां रहकर अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं पर नजर रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, चिकित्सा और रहने की व्यवस्था उपलब्ध है.

पशुओं के लिए भी बनाया गया पशु चिकित्सा शिविर

बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने मवेशियों को लेकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंचे हैं. ऐसे लोगों के पशुओं के इलाज के लिए भी शिविर में पशु चिकित्सा केंद्र बनाया गया है.

पशु चिकित्सा शिविर में मवेशियों के लिए दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. पशु चिकित्सक और पशुधन सहायक की भी प्रतिनियुक्ति की गई है. बाढ़ प्रभावित पशुओं के लिए कुट्टी और भूसा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है.

मीनार घाट के अलावा मरीन ड्राइव पर भी राहत शिविर

प्रशासन की ओर से मीनार घाट, दीघा में राहत शिविर संचालित किया जा रहा है. इसके अलावा मरीन ड्राइव के पास बिंद टोला क्षेत्र में भी बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत की व्यवस्था की गई है. प्रशासन की ओर से लोगों को जरूरत के अनुसार राहत शिविरों में पहुंचने की अपील की जा रही है.

गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण पटना के कई इलाकों में बाढ़ का संकट बना हुआ है. ऐसे में राहत शिविरों में भोजन, आवास, चिकित्सा और पशु चिकित्सा जैसी सुविधाएं प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी हुई हैं.

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लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, प्रशासन, अपराध, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकार और स्थानीय-क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वे तथ्यों की पुष्टि और विभिन्न स्रोतों से जानकारी का सत्यापन करने को प्राथमिकता देते हैं.

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विवेक रंजन पाण्डेय की विशेष रुचि बिहार की राजनीति, ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम अपडेट, प्रशासनिक गतिविधियों, चुनाव, अपराध, मौसम, शिक्षा तथा रिसर्च आधारित खबरों में है. वे लाइव कवरेज, एक्सक्लूसिव स्टोरी, SEO फ्रेंडली डिजिटल कंटेंट और डेटा आधारित रिपोर्टिंग में भी दक्ष हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर एक्स पर सक्रिय रहकर ट्रेंडिंग और महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए रखते हैं.

पत्रकारिता अनुभव

पत्रकारिता के क्षेत्र में विवेक रंजन पाण्डेय का आठ वर्षों का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी और डिजिटल मीडिया से की तथा विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए रिपोर्टिंग, डिजिटल कंटेंट लेखन, लाइव कवरेज, हेडलाइन लेखन, ब्रेकिंग न्यूज, फैक्ट चेकिंग में विशेषज्ञता हासिल की. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिहार से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों का लेखन और विश्लेषण कर रहे हैं.

शिक्षा

विवेक रंजन पाण्डेय ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, मीडिया एथिक्स, डिजिटल जर्नलिज्म और जनसंचार के विभिन्न आयामों का अध्ययन किया.

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