पटना मेट्रो में 6 कोच वाली ट्रेन क्यों लाई जा रही? PMRCL के इस प्लान से यात्रियों को मिलेगी राहत

Patna Metro: पटना मेट्रो में यात्रियों के सफर को लेकर बड़ा बदलाव आने वाला है. बढ़ती भीड़ को देखते हुए PMRCL ने 6-6 कोच वाली तीन नई मेट्रो रैक खरीदने का प्रस्ताव भेजा है. मंजूरी मिलने पर कुल 18 नए कोच जुड़ेंगे, जिससे खासकर पीक आवर में ज्यादा यात्रियों को सफर कराने में मदद मिलेगी.

Patna Metro: पटना मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए ट्रेन की क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है. पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी PMRCL ने छह कोच वाली तीन मेट्रो रैक खरीदने का प्रस्ताव भेजा है. प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद नई रैक खरीदने की प्रक्रिया शुरू होगी. तीनों रैक में छह-छह कोच होंगे, यानी कुल 18 कोच पटना मेट्रो के बेड़े में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है.

पीक आवर की भीड़ संभालने पर जोर

पटना मेट्रो का परिचालन जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. इसका सबसे ज्यादा असर सुबह और शाम के व्यस्त समय यानी पीक आवर में देखने को मिल सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए ज्यादा क्षमता वाली मेट्रो रैक लाने की योजना बनाई गई है. छह कोच वाली ट्रेन में मौजूदा छोटी रैक की तुलना में एक साथ ज्यादा यात्री सफर कर सकेंगे. पटना मेट्रो की ट्रेनें 3-कोच सेट के रूप में डिजाइन की गई हैं, जिन्हें 6 कोच तक बढ़ाया जा सकता है.

भविष्य की जरूरत के हिसाब से बढ़ेगा मेट्रो का बेड़ा

PMRCL की योजना सिर्फ मौजूदा यात्री दबाव को संभालने तक सीमित नहीं है. मेट्रो के अलग-अलग हिस्सों में परिचालन बढ़ने के साथ ट्रेनों की संख्या और उनकी क्षमता बढ़ाने की जरूरत भी होगी. इसी वजह से तीन 6-कोच वाली रैक के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. मंजूरी के बाद तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने पर इनकी खरीद का रास्ता साफ होगा. नई रैक आने से पटना मेट्रो की परिचालन क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने में मदद मिलेगी.

पुणे मेट्रो के अधिकारी ने पटना में व्यवस्थाएं देखीं

इसी बीच पुणे मेट्रो के कार्यकारी निदेशक हेमंत सोनावणे ने पटना मेट्रो की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने पटना मेट्रो के अधिकारियों के साथ अलग-अलग स्टेशनों, ट्रेन और डिपो का दौरा किया. दौरे के दौरान उन्होंने परिचालन और अनुरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को देखा. ट्रेन में यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों की भी जानकारी ली.

ट्रेन और स्टेशन की व्यवस्थाओं को समझा

हेमंत सोनावणे ने मेट्रो ट्रेन के संचालन से जुड़ी अलग-अलग प्रणालियों और सुविधाओं को समझा. उन्होंने यह भी देखा कि यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित, आरामदायक और आसान बनाए रखने के लिए किस तरह की तैयारियां की जाती हैं. स्टेशनों पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं के साथ परिचालन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया.

पटना और पुणे मेट्रो टीम ने साझा किए अनुभव

दौरे के दौरान पटना मेट्रो के परिचालन और अनुरक्षण दल के साथ भी बातचीत हुई. दोनों पक्षों ने रोजाना के परिचालन, ट्रेनों की देखरेख और अनुरक्षण से जुड़े अनुभव साझा किए. मेट्रो परिचालन को बेहतर बनाने और व्यावहारिक अनुभवों के आदान-प्रदान पर भी चर्चा हुई. पटना मेट्रो की टीम ने ट्रेन और डिपो में होने वाले नियमित अनुरक्षण कार्यों और परिचालन व्यवस्था की जानकारी दी.

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सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा पर जोर

अधिकारियों के मुताबिक, मेट्रो सेवा को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाए रखने में परिचालन और अनुरक्षण टीम की अहम भूमिका है. पुणे मेट्रो के कार्यकारी निदेशक का यह दौरा अलग-अलग मेट्रो परियोजनाओं के अनुभव साझा करने और परिचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 4 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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