पटना मेट्रो : किराया न्यूनतम 15 रुपये व अधिकतम 60 रुपये होने के आसार

जानकारों का मानना है कि किराया दिल्ली और पुणे मेट्रो के करीब हो सकता है. न्यूनतम किराया 15 रुपये और अधिकतम 60 रुपये होने की संभावना जतायी जा रही है

संवाददाता,पटना 15 अगस्त से राजधानी में शुरू होनेवाली मेट्रो ट्रेन के लिए किराया फिलहाल तय नहीं है. लेकिन, निर्माण एजेंसी डीएमआरसी और मेट्रो में लगने वाले पुणे-निर्मित रैक को देखते हुए जानकारों का मानना है कि किराया दिल्ली और पुणे मेट्रो के करीब हो सकता है. न्यूनतम किराया 15 रुपये और अधिकतम 60 रुपये होने की संभावना जतायी जा रही है. दिल्ली मेट्रो में शुरुआती दो किमी के लिए किराया 10 रुपये और पुणे में भी शुरुआती स्लैब 10 रुपये से शुरू होता है. वहीं पटना में अगर न्यूनतम किराया 15 रुपये होता है, तो शुरुआती सफर महंगा साबित होगा. वहीं, आठ से 16 किमी की दूरी पर यदि 60 रुपये का अधिकतम किराया तय होता है, तो यह दिल्ली और पुणे की तुलना में लंबी दूरी के लिहाज से सस्ता माना जा सकता है. जानकारों के अनुसार 3-6 किमी दूरी पर संभावित किराया 30 रुपये, 6-8 किमी पर 45 रुपये और 8 किमी से ऊपर 60 रुपये तक हो सकता है. सूत्रों का दावा है कि मेट्रो सेवा सुबह पांच बजे से रात 11 बजे तक चलेगी और एक ट्रेन में 150 यात्री बैठ सकेंगे. मेट्रो के लिए फायर एनओसी लेने का रास्ता खुला कैबिनेट ने दी बिहार अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियमावली को मंजूरी संवाददाता, पटना बिहार सरकार ने मेट्रो के सुचारु संचालन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. मंगलवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में बिहार अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 को मंजूरी दे दी गयी. पटना मेट्रो, एलिवेटेड और अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन, प्लेटफॉर्म और डिपो के निर्माण को फायर एनओसी लेने में कोई तकनीकी बाधा नहीं आयेगी. संशोधित नियमों में मेट्रो परियोजना को स्पष्ट रूप से शामिल कर दिया गया है और उसके लिए विशेष चेकलिस्ट भी तय की जायेगी. अब तक बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली-2021 के तहत मेट्रो परियोजना की संरचनाओं के लिए न तो स्पष्ट प्रावधान थे, न ही कोई अलग चेकलिस्ट, जिससे अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी ) लेना मुश्किल हो रहा था. कैबिनेट से मंजूरी के बाद संशोधित नियमावली में मेट्रो रेल से जुड़ी हर संरचना जैसे एलिवेटेड स्टेशन, भूमिगत स्टेशन, प्लेटफॉर्म और डिपो को औपचारिक रूप से शामिल किया जायेगा और इसके लिए एक विशिष्ट फायर सेफ्टी चेकलिस्ट अधिसूचित की जायेगी. इस फैसले से पटना मेट्रो के लिए फायर एनओसी की प्रक्रिया आसान और स्पष्ट होने से निर्माण कार्यों में तेज़ी आएगी और सुरक्षा मानकों का पालन भी सुनिश्चित हो सकेगा.

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By DURGESH KUMAR

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