Bihar cabinet expansion : राजधानी पटना में बुधवार दोपहर मूसलाधार बारिश हुई. इस बारिश ने उस हाई प्रोफाइल तैयारी की पोल खोल दी. जिसमें सरकार लगी है. 7 मई को बीजेपी सरकार की कैबिनेट का विस्तार होना है. मंत्रियों के शपथ ग्रहण के लिए पूरा गांधी मैदान सजाया जा रहा था. मगर बारिश ने इस पूरी तैयारी पर पानी फेर दिया है. अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि सुबह तक पूरा मैदान सुखाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए तैयार कर दिए जाएं.
प्रशासन अलर्ट ऑपरेशन सुखाओ शुरू
बहरहाल, प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है. और इसी के साथ ‘ऑपरेशन पानी सुखाओ’ शुरू कर दिया है. शपथ ग्रहण समारोह से पहले मैदान को पूरी तरह तैयार सुखाना और लोगों के स्वागत के लिए तैयार करना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है.
अधिकारी और कर्मचारी पूरी रात सुखाएंगे मैदान
बुधवार को बारिश थमते ही पानी निकालने के लिए आधा दर्जन से अधिक सुपर सकर मशीनों को गांधी मैदान में उतारा गया है. सिर्फ मैदान ही नहीं, आसपास के इलाकों से भी पानी हटाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. रामगुलाम चौक पर 83 एचपी और 10 एचपी के पंप सेट लगाए गए, जबकि मैदान के भीतर 22 एचपी और 10 एचपी के अतिरिक्त पंप के साथ मिनी सक्शन मशीनें भी सक्रिय कर दी गईं हैं.
प्रशासन के फूले हाथ, जर्मन हैंगर में लीकेज
प्रशासन के हाथ इस वक्त फूले हुए नजर आ रहे हैं. कार्यक्रम तय है और देश के प्रधानमंत्री का आना तय हो चुका है. ऐसे में पंडाल के अंदर जमा पानी को सुखाने के लिए फोम का इस्तेमाल किया जा रहा है. मगर हैरानी की बात ये है कि यहां लगाए गए जर्मन हैंगर में जहां-जहां लीकेज मिल गया है. इन लीकेज को दुरुस्त करने का काम भी किया गया.
बिन मौसम बरसात ने दिखाया आइना
पानी और बरसात नैचुरल है. मगर इस बिन मौसम बरसात ने सरकार के काम करने के तरीके को उजागर कर दिया है. गौर करने वाली बात ये है कि ये कोई मौसमी बरसात नहीं थी, जो घंटों होनी की संभावना बनी रहती है. ऐसे में पटना के कई इलाकों में जल जमाव ये बताता है कि प्रशासन कितना गंभीर है और काम का क्या तरीका है.
नए सोफे लगाने में जुटा प्रशासन
खैर, गांधी मैदान में ज्यादा जलभराव वाले हिस्सों में बालू डालकर जमीन को समतल और सुरक्षित बनाया जा रहा है. ताकि यहां कुर्सियां टिकाई जा सके. इसके अलावा साथ ही, जगह-जगह नाले बनाकर पानी की तेज निकासी सुनिश्चित की गई. बारिश की वजह से गीले हो चुके सोफों को हटाकर नए सोफे लगाए जा रहे हैं.
फर्नीचर बदलने का काम देर रात तक जारी
करीब दस बजे तक फर्नीचर बदलने का काम जारी नजर आया. आम लोगों के बैठने के लिए प्लास्टिक कुर्सियों की व्यवस्था की गई है. साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए 300 से अधिक कर्मियों की विशेष टीम तैनात कर दी गई है. नगर आयुक्त यशपाल मीणा समेत तमाम अधिकारी देर रात तक मौके पर डटे रहे. वह हर स्थिति से निपटने की तैयार में नजर आए. प्रशासन का दावा है कि गुरुवार तक सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सामान्य कर ली जाएंगी, ताकि शपथ ग्रहण समारोह में आने वाले मेहमानों और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.
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