Patna News: (संजय कुमार की रिपोर्ट)
राजधानी पटना से सटे दानापुर नगर परिषद क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन तालाब धीरे-धीरे अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है. वार्ड संख्या-3 दाउदपुर बिंद टोली का यह तालाब अतिक्रमण, गंदगी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण कूड़ेदान में तब्दील होता जा रहा है. कभी यह इलाके का प्रमुख जलस्रोत था, लेकिन अब इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है.
कभी जीवनदायिनी था तालाब, अब बन गया कचरे का ढेर
दाउदपुर बिंद टोली स्थित यह तालाब पहले स्थानीय लोगों के लिए प्रमुख जलस्रोत के रूप में उपयोग होता था. लेकिन समय के साथ लोगों ने इसे कूड़ाघर बना दिया और घरों का कचरा, पॉलिथीन व अन्य अपशिष्ट लगातार इसमें डाले जाने लगे, जिससे इसकी स्थिति बेहद दयनीय हो गई है.
गंदगी और कचरे से बदहाल हुई तालाब की स्थिति
तालाब के चारों ओर भारी मात्रा में गंदगी जमा हो चुकी है. हालात ऐसे हैं कि वर्षों से सफाई नहीं होने का आभास होता है. गंदगी के कारण यह जलस्रोत अब गंभीर प्रदूषण और स्वास्थ्य खतरे का कारण बनता जा रहा है.
अतिक्रमणकारियों ने सिकोड़ दिया तालाब का दायरा
तालाब के किनारों पर लगातार अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं. कुछ लोगों ने पशुओं के तबेले तक बना लिए हैं, जिससे तालाब का क्षेत्रफल लगातार घट रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसे धीरे-धीरे पाटने की कोशिश की जा रही है.
विकास योजनाएं कागजों में ही सीमित
स्थानीय लोगों के अनुसार नगर परिषद द्वारा तालाब के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण की योजना पहले बनाई गई थी. स्वच्छ भारत मिशन के तहत भी इसकी सफाई का दावा किया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो सका.
हर साल करोड़ों के बजट के बावजूद हालात जस के तस
नगर परिषद हर वर्ष तालाब और कुओं के सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपये का बजट पारित करती है. इसके बावजूद दाउदपुर बिंद टोली का यह तालाब बदहाली की स्थिति में है और अब तक कोई ठोस काम शुरू नहीं हो सका है.
प्रशासन ने दिए कार्रवाई के निर्देश
एसडीओ अनिरुद्ध पांडेय ने नप ईओ सह प्रशासक पंकज कुमार को तालाब से अतिक्रमण हटाने और सफाई कराने का निर्देश दिया है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी.
प्रस्ताव भेजा गया, मंजूरी का इंतजार जारी
नगर परिषद प्रशासन ने बताया कि तालाब के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा गया है, लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है। प्रशासन का दावा है कि स्वीकृति मिलते ही काम शुरू किया जाएगा.
स्थानीय लोगों में नाराजगी, जल्द सुधार की मांग
स्थानीय नागरिकों ने तालाब में कूड़ा फेंकने पर रोक लगाने, अतिक्रमण हटाने और जल्द से जल्द सौंदर्यीकरण कार्य शुरू करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह ऐतिहासिक जलस्रोत पूरी तरह खत्म हो जाएगा.
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