पटना में साइबर ठगी के 2 गंभीर मामले, 48 करो़ड़ का क्रिप्टो करेंसी दिखा और मीशो से रिफंड के नाम पर लगाया चूना

Patna News : राजधानी पटना में साइबर अपराधियों ने दो अलग-अलग लोगों को निशाना बनाते हुए करीब तीन लाख रुपये उड़ा लिए हैं. पहले मामले में 48 करोड़ का फर्जी क्रिप्टो करेंसी (यूएसडीटी) दिखाकर एक लाख की ठगी की गई है, जबकि दूसरे मामले में टिफिन का पैसा रिफंड करने का झांसा देकर खाते से 1.89 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं. दोनों ही मामलों में पीड़ितों के बयान पर साइबर थाने में केस दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है. नीचे पढ़िए पूरी खबर…

Patna News : (नितिश सिंह की रिपोर्ट)
पटना में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो क्रिप्टो करेंसी को कम कीमत में देने का झांसा देकर लोगों से ठगी कर रहा है. इस बात की जानकारी पुलिस को उस समय हुई जब इस गिरोह ने झारखंड के रहने वाले प्रभाकर तिवारी को क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) कम कीमत पर बेचने का झांसा देकर एक लाख रुपये की ठगी कर ली. इस संबंध में प्रभाकर तिवारी के बयान पर औरंगाबाद के एके सिंह और उत्तरप्रदेश के रानीगंज बाजार के सतबीर यादव के खिलाफ में साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है. इन दोनों पर आरोप है कि इन लोगों ने क्रिप्टो करेंसी कम कीमत पर देने के नाम पर एक लाख रुपये की ठगी कर ली. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है.

दानापुर स्टेशन के पास बुलाया, मोबाइल वॉलेट में दिखाया 48 करोड़ का यूएसडीटी

प्राथमिकी के अनुसार प्रभाकर तिवारी को एके सिंह ने एक ग्रुप में जोड़ा और यह बताया कि उसके पास बहुत अधिक मात्रा में यूएसडीटी है, जिसे वह मार्केट रेट से बहुत कम कीमत पर बेच रहा है. इसके बाद उसने प्रभाकर को दानापुर रेलवे स्टेशन के पास बुलाया और अपने मोबाइल वॉलेट में 48 करोड़ रुपया का यूएसडीटी दिखाया. साथ ही यह कहा कि वह उन्हें 25 हजार रुपये में ही 42 हजार का यूएसडीटी दे देगा. उसकी बात में आकर प्रभाकर ने एक लाख रुपये दे दिया. उसने यूपी के रहने वाले सतबीर सिंह नाम के व्यक्ति के खाते में रकम मंगवाया. इसके बाद उसने उनके ट्रस्ट वॉलेट में 1080 यूएसडीटी ट्रांसफर कर दिया. लेकिन बाद में पता चला कि वह फर्जी यूएसडीटी था. उक्त यूएसडीटी अपने आप कम होने लगा और अन्य एक्सचेंज वॉलेट में ट्रांसफर करने पर फर्जी दिखाने लगा. इसके बाद जब वापस रकम मांगा गया तो उसने ब्लॉक कर दिया. प्रभाकर ने साइबर थाना पुलिस को बताया है कि कम कीमत पर क्रिप्टो करेंसी देने का झांसा देकर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है.

मीशो से पैसा रिफंड करने का झांसा देकर उड़ाए 1.89 लाख

इधर, दूसरे मामले में साइबर बदमाशों ने साउथ मंदिरी इलाके के रहने वाले प्रणीत सर्वेश को कोर बॉक्स टिफिन का पैसा रिफंड करने का झांसा दिया और खाते से 1.89 लाख रुपये की निकासी कर ली. प्रणीत ने साइबर थाने में केस दर्ज करा दिया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है. बताया जाता है कि प्रणीत सर्वेश ने मीशो ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से एक कोर बॉक्स टिफिन मंगवाया था. लेकिन टिफिन पसंद नहीं आई तो उसे वापस कर पैसा रिफंड की राशि खाते में जमा करने का अनुरोध किया. इसी दौरान उन्हें एक नंबर से फोन आया और स्वयं को रिफंड प्रक्रिया से संबंधित होने की जानकारी देते हुए कुछ प्रक्रिया कराई. उस प्रक्रिया के करते ही छह बार में उनके खाते से 1.89 लाख रुपये की निकासी हो गई. इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर थाने की पुलिस को मामले की जानकारी दी.

किराना दुकान, होटल और आई केयर के खातों में ट्रांसफर की रकम

खास बात यह है कि बदमाशों ने उक्त सारी रकम अलग-अलग नाम से बने खातों में मंगवाई है. ठगों ने 50 हजार रुपये संतोष स्टोर, 49 हजार किराना शॉप, 25 हजार देवकी होटल एंड रेस्टोरेंट, 21 हजार देवा आई केयर और 20 हजार रुपया राजेंद्र कुमार साव के खाता में मंगवाया. जिस तरह के खातों में पैसे को मंगवाया गया है, उससे यह स्पष्ट है कि बदमाशों ने या तो दूसरे के नाम पर किराये पर लिए गए खातों का इस्तेमाल किया है, या फिर उन लोगों ने अपने किराना का बिल, होटल व हॉस्पिटल का बिल पीड़ितों के ही खाते से निकासी कर भर दिया है.

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