पटना से हिमांशु देव की रिपोर्ट
Patna News: राजधानी के दो प्रमुख प्रमुख विद्युत शवदाहगृह में तीन क्रीमेशन ओवन फंक्शनल नहीं है. इससे शवदाहगृह पर दबाव बढ़ रहा है. अगर जल्दी से इसे ठीक नहीं किया गया तो अन्य ओवन भी खराब हो सकते हैं. बता दें कि, यह दोनों शवदाहगृह बांस घाट व गुलबी घाट पर स्थित है.
Patna News: तीन ओवन खराब होने से बढ़ा दबाव
हालांकि, बांस घाट पर हाल ही में शुरू हुए एक नवनिर्मित विद्युत शवदाहगृह का संचालन ईशा फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है. इसमें आधुनिक सुविधा भी दी जा रही है. वहीं, दोनों पुराने शवदाहगृहों के संचालन का जिम्मा एक निजी एजेंसी के पास है. दोनों क्रीमेटोरियम में शवदाह के लिए तीन-तीन क्रीमेशन ओवन इंस्टॉल हैं, जिनमें एक बार में एक शव का दाह-संस्कार किया जाता है.
दोनों क्रीमेटोरियम में 442 शवों का हुआ दाह-संस्कार
पिछले सात महीनों में गुलबी घाट पर 508 और बांस घाट के पुराने शवदाहगृह में 854 शवों का अंतिम संस्कार किया गया है. इसके अलावा, मई 2025 से अप्रैल 2026 के बीच बांस घाट पर 392 और गुलबी घाट पर 80 लावारिस शवों का भी मुफ्त में दाह-संस्कार किया गया है, जिसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया गया. आम नागरिकों के लिए यहां प्रति शवदाह मात्र 300 रुपये की रसीद कटती है.
बिजली केबल जलने से बंद हुआ बांस घाट का ओवन
नगर निगम के संबंधित अभियंता ने बताया कि तकनीकी खामियों की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है. पिछले पांच-छह दिनों से गुलबी घाट विद्युत शवदाहगृह का कॉयल खराब है, जिससे भट्टी में हीट पैदा नहीं हो पा रही है. जिसके बाद दो अन्य ओवन पर दबाव बढ़ गया. जिसके चलते एक और खराब हो गया. हालांकि, इसके क्वायल को कोलकाता से मंगाया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर, बुधवार को बांस घाट शवदाहगृह का बिजली केबल खराब हो गया, जिसके कारण वहां भी बिजली आपूर्ति ठप हो गई. इससे एक ओवन खराब हो गये हैं.
दीघा घाट पर बनेंगे दो नये शवदाहगृह
शहर की बढ़ती आबादी और दबाव को देखते हुए निगम प्रशासन ने दीघा घाट पर दो नए आधुनिक शवदाहगृहों के निर्माण की स्वीकृति दे दी है. इन शवदाहगृह में एक गैस आधारित और दूसरा बिजली आधारित होगा. इसके लिए जमीन भी चिन्हित कर ली गयी है. मानसून के बाद इसका काम शुरु कर दिया जायेगा.
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