Patna Cyber Fraud : रामकृष्णानगर के कारोबारी रूप नारायण साह से 10 करोड़ रुपये का बिजनेस लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने 32 लाख रुपये की ठगी कर ली. इतना ही नहीं, बदमाशों ने उनका बैंक पासबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में लेकर उनके बैंक खाते से 1.18 करोड़ रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन भी कर डाला. मामले को लेकर पीड़ित ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
दो कंपनियां संचालित करते हैं कारोबारी
रामकृष्णानगर स्थित एनटीपीसी कॉलोनी निवासी रूप नारायण साह दो कंपनियों का संचालन करते हैं. कारोबार के विस्तार के लिए उन्हें बड़ी राशि की आवश्यकता थी. इसी दौरान उनकी मुलाकात गुजरात के शिव भाई राठौर और सेजल यादव नामक दो लोगों से हुई. दोनों ने खुद को अहमदाबाद स्थित केवीएम फाइनांस कंपनी का संचालक बताते हुए 10 करोड़ रुपये का बिजनेस लोन दिलाने का भरोसा दिया.
प्रोसेसिंग फीस के नाम पर करते रहे ठगी
लोन की प्रक्रिया शुरू कराने के नाम पर आरोपितों ने रूप नारायण साह से बैंक पासबुक, सिम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज ले लिए. विश्वास दिलाने के लिए उन्हें अहमदाबाद स्थित कथित कार्यालय भी बुलाया. इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, फाइल क्लियरेंस और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर उनसे किस्तों में करीब 32 लाख रुपये वसूल लिए.
कभी अहमदाबाद, कभी मुंबई और असम बुलाया
पीड़ित के अनुसार आरोपित लगातार उन्हें कभी अहमदाबाद, कभी मुंबई तो कभी असम बुलाते रहे. हर बार उन्हें भरोसा दिया जाता था कि जल्द ही लोन की राशि उनके खाते में भेज दी जाएगी. जब वे बताए गए स्थानों पर पहुंचे तो वहां कंपनी का कोई कार्यालय नहीं मिला. इसके बावजूद आरोपी उन्हें झूठे आश्वासन देकर गुमराह करते रहे.
खाते से 1.18 करोड़ का अवैध ट्रांजेक्शन
जब रूप नारायण साह ने अपना बैंक पासबुक और सिम कार्ड वापस मांगा तो आरोपितों ने लौटाने से इनकार कर दिया. इस बीच उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने नया सिम कार्ड जारी कराया. बाद में जांच करने पर पता चला कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल कर 1.18 करोड़ रुपये का अवैध ट्रांजेक्शन किया गया है. इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपितों की तलाश में कार्रवाई की जा रही है.
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