Patna Flood Viral Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में पटना के बिंद टोली स्थित एक सरकारी विद्यालय के अंदर किराना दुकान चलने का दावा किया जा रहा है. वीडियो में स्कूल परिसर में किराना का सामान रखा हुआ दिखाई दे रहा है और लोग वहां से सामान खरीदते नजर आ रहे हैं. वायरल वीडियो के बाद सवाल उठने लगा कि आखिर सरकारी विद्यालय के अंदर दुकान कैसे चल रही है.
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए जब बिंद टोली स्थित प्राथमिक विद्यालय में ग्राउंड रिपोर्ट की गयी, तो स्थानीय दुकानदार और लोगों ने अलग जानकारी दी. दुकानदार अनिल साह के मुताबिक, बाढ़ के दौरान उनका घर और दुकान दोनों पानी में डूब गये थे. दुकान का सामान बचाने के लिए उन्होंने स्कूल की चाबी लेकर सामान को विद्यालय के अंदर रखा था. उनका कहना है कि स्कूल बंद होने के दौरान यह व्यवस्था की गयी थी और स्कूल खुलने पर सामान हटा दिया जाएगा.
पटना के बिंद टोली में बाढ़ की स्थिति पहले भी सामने आ चुकी है. हाल की रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ के दौरान बड़ी संख्या में लोग जेपी गंगा पथ और मरीन ड्राइव के आसपास शरण लेने को मजबूर हुए थे.
स्कूल बंद था, इसलिए सामान रखने की मांगी चाबी
दुकानदार अनिल साह ने बताया कि बाढ़ आने के बाद पूरा इलाका पानी में डूब गया था. उनका घर और दुकान भी इसकी चपेट में आ गये. ऐसे में दुकान के सामान को सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने विद्यालय की चाबी मांगी और सामान को स्कूल के अंदर रख दिया.
स्थानीय लोगों ने भी बताया कि स्कूल में स्थायी रूप से किराना दुकान चलाने की बात सही नहीं है. उनका कहना है कि बाढ़ के दौरान दुकान डूबने के बाद सामान को सुरक्षित रखने के लिए विद्यालय का इस्तेमाल किया गया था. स्कूल खुलने के बाद सामान हटाने की बात भी स्थानीय लोगों ने कही.
बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद किए जाने की स्थिति पटना जिले में भी रही है. 15 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, दियारा क्षेत्र के 78 विद्यालयों में बाढ़ के कारण पढ़ाई स्थगित की गयी थी और जलस्तर सामान्य होने पर स्कूल खोलने की बात कही गयी थी.
पानी घटा तो घरों की ओर लौटने लगे लोग
बिंद टोली में अब पानी धीरे-धीरे कम होने के बाद लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं. हालांकि कई स्थानों पर अभी भी जलजमाव दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, हर साल बारिश और गंगा के जलस्तर में वृद्धि के दौरान बस्ती के सामने जलभराव की समस्या पैदा होती है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जून से लेकर अक्टूबर तक बारिश और बाढ़ के कारण आवागमन प्रभावित रहता है. बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी होती है और कई जगहों पर रास्ते कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं.
जमीन के कागजात को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने जमीन के कागजात से जुड़ी अपनी समस्या भी बतायी. उनके मुताबिक, वे पहले दीघा क्षेत्र में रहते थे और बाद में बिंद टोली में आकर बसे. स्थानीय लोगों ने दावा किया कि यहां रहने के बावजूद जमीन से संबंधित दस्तावेजों को लेकर उनकी समस्या अब भी बनी हुई है.
कुछ लोगों ने कहा कि वे स्थायी रूप से घर बनाना चाहते हैं, लेकिन जमीन के कागजात को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी होती है. इस संबंध में प्रशासनिक रिकॉर्ड या संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है.
राहत व्यवस्था को लेकर लोगों ने बतायी अपनी परेशानी
बाढ़ के दौरान राहत और भोजन की व्यवस्था को लेकर भी कुछ स्थानीय लोगों ने अपनी शिकायतें बतायीं. कुछ लोगों का कहना था कि उन्हें तिरपाल और भोजन की पर्याप्त सुविधा नहीं मिली. वहीं प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी जाती रही है.
9 सितंबर को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बिंद टोली समेत पटना के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों का निरीक्षण किया था. रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया था.
वायरल वीडियो से बड़ा है बिंद टोली का बाढ़ संकट
बिंद टोली में वायरल वीडियो की पड़ताल के दौरान सामने आया कि स्कूल में किराना सामान रखे जाने की घटना को केवल दुकान चलाने के दावे तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता. स्थानीय दुकानदार के अनुसार, बाढ़ में दुकान डूबने के बाद सामान बचाने के लिए स्कूल का इस्तेमाल किया गया था.
वहीं, बिंद टोली के लोगों के सामने बाढ़, जलजमाव, आवागमन, घरों की सुरक्षा और जमीन के दस्तावेज जैसी कई समस्याएं भी हैं. ऐसे में वायरल वीडियो ने स्कूल में रखे सामान का सवाल तो उठाया ही, साथ ही बाढ़ प्रभावित बस्ती की जमीनी स्थिति भी सामने ला दी है.