पटना बेऊर जेल में कुख्यातों तक कैसे पहुंच रहे फोन? अचानक रेड पड़ी तो रवि गोप के बेड पर 4 मोबाइल मिले

पटना के बेऊर जेल में फिर एकबार कुख्यात के पास से मोबाइल फोन और चार्जर बरामद हुए हैं. बेऊर जेल के अधीक्षक ने अचानक रेड मारी तो कुख्यात रवि गोप के बेड पर रखे चार स्मार्ट फोन मिले. इसकी जांच शुरू हुई है कि जेल के वार्ड में फोन कैसे पहुंचा.

By ThakurShaktilochan Sandilya | April 7, 2025 7:29 AM

पटना के बेऊर जेल में कैदियों के पास मोबाइल बरामद हुआ. इस जेल में कैदियों के पास अभी भी मोबाइल पहुंच रहा है, इसकी पुष्टि तब हुई जब बेऊर जेल के अधीक्षक को इसकी सूचना मिली कि कुख्यात रवि गोप के वार्ड में मोबाइल फोन का इस्तेमाल हो रहा हे. इसके बाद जेल अधीक्षक ने रविवार को दलबल के साथ जाकर वार्ड की छापेमारी की. कुख्यात रवि गोप के पास से चार मोबाइल फोन बरामद हुए. दो चार्जर भी छापेमारी में मिले.

कुख्यात रवि गोप के पास से मोबाइल बरामद

बेऊर जेल के अधीक्षक नीरज झा ने कुख्यात रवि गोप के वार्ड में अचानक छापेमारी की. इस दौरान रवि गोप के बेड पर ही रखे हुए चार स्मार्ट फोन और दो चार्जर बरामद किए गए. सिम कार्ड भी फोन में लगा हुआ मिला. रवि गोप कदमकुआं थाने का नाला रोड का रहने वाला है और कई आपराधिक मामलों में जेल में बंद है. भाजपा नेता क्रांति की हत्या का भी वह आरोपी है. उसे एसटीएफ ने 2022 में महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया था.

ALSO READ: पटना के मंदिर में मंत्री रेणु देवी का पर्स और फोन चोरी! रामनवमी पर चोरों ने पलक झपकते ही कर लिया हाथ साफ

कुख्यात के पास कैसे पहुंचे मोबाइल फोन

रवि गोप के पास चार स्मार्ट फोन कैसे पहुंचा इसके लिए अधीक्षक ने तीन सदस्यों वाली कमेटी बनायी है जो मामले की जांच करेगी. क्या वार्ड के कक्षपाल को इसकी जानकारी नहीं थी? इसकी भी जांच होगी. हालांकि यह तो स्पष्ट है कि बेऊर जेल के किसी कर्मी की मिलीभगत के बिना चार-चार स्मार्ट फोन अंदर नहीं जा सकता. और इतना बेखौफ होकर इसके इस्तेमाल करने की भी वजह सामने आनी चाहिए. रवि गोप को फिलहाल सेल में डाल दिया गया है. उसके खिलाफ बेऊर थाने में केस भी दर्ज करा दिया गया है.

बेऊर जेल के उपाधीक्षक तक हो चुके हैं सस्पेंड

बेऊर जेल के अंदर मोबाइल फोन पहले भी मिल चुके हैं. कई कर्मियों पर कार्रवाई भी हो चुकी है. 2021 में जेल में फोन और चार्जर मिलने पर तत्कालीन जेल आइजी अखिलेश मिश्रा ने जेल के तत्कालीन उपाधीक्षक संजय कुमार को सस्पेंड कर दिया था. लेकिन अभी भी जेल में मोबाइल और चार्जर आसानी से पहुंच रहे हैं.