Patna-Aurangabad NH पर कई महीनों से हो रही थी वसूली, ऐसे हुआ खुलासा, एक शातिर गिरफ्तार

Patna - Aurangabad NH: पुलिस ने एनएच 139 पर फर्जी रसीद बनाकर वाहनों से अवैध वसूली करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है. इस मामले में एक की गिरफ्तारी हुई है.

Patna-Aurangabad NH: पुलिस ने पटना-औरंगाबाद एनएच 139 पर फर्जी रसीद बनाकर वाहनों से अवैध वसूली करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक शातिर को मौके से दबोच लिया जबकि दो किसी तरह भागने में सफल रहे. गिरफ्तार शातिर की पहचान कर ली गई है. बड़ी बात यह है कि यह अवैध कार्य महीनों से चल रहा था. पुलिस कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बुधवार की शाम ओबरा थानाध्यक्ष अजय कुमार को सूचना मिली कि अरंडा गांव के समीप फर्जी रसीद के माध्यम से एनएच से गुजरने वाली वाहनों से जबरन अवैध वसूली की जा रही हैं.

पुलिस को देख भागने लगे शातिर

सूचना के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो पुलिस वाहन देखकर तीन व्यक्ति भागने लगे. पुलिस बलों ने खदेड़कर एक शातिर को पकड़ लिया. पकड़े गए शातिर की जब तलाशी ली गई तो उसके पास से एक फर्जी रसीद का बुकलेट मिला. इसके बाद उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए व्यक्ति की पहचान दाउदनगर थाना क्षेत्र के पसवां गांव निवासी हरिवंश सिंह के 30 वर्षीय पुत्र बिन्दु कुमार के रूप में हुई है.

शातिर ने क्या बताया

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त ने अपना अपराध भी स्वीकार किया और बताया कि वह अपने अन्य दो साथियों के साथ मिलकर यह काम करीब 5-6 माह से कर रहा था. इस मामले में ओबरा थाना में कांड संख्या-512/24  के रुप में प्राथमिकी दर्ज की गई है. एसपी अंबरीश राहुल ने बताया कि अवैध वसूली मामले में जो फरार हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है .मालूम हो कि एनएच 139 पर इस तरह के मामले अक्सर सामने आते रहे है. कभी सदीपुर डिहरी तो कभी अरंडा गांव के समीप एनएच 139 पर स्टिकर लगाकर अवैध वसूली की जाती रही है. अवैध वसूली करने वाले एक जगह से दूसरे जगह ऑफिस खोलकर तो कभी प्रदूषण के नाम पर तो कभी डीटीओ -आरटीओ के नाम पर अवैध वसूली करते रहे हैं.

इसे भी पढ़ें: Tejashwi Yadav की सरकार में होंगे 3 डिप्टी सीएम! जानें किन-किन नेताओं ने की मांग

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >