Patliputra University News: पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट, पटना के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार से तीन दिवसीय हार्टफुलनेस मेडिटेशन कार्यशाला की शुरुआत हुई. यह कार्यशाला 18 से 20 जून तक आयोजित की जाएगी.
मानसिक संतुलन के लिए ध्यान जरूरी : कुलपति
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उपेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-अनुशासन तथा सकारात्मक जीवन दृष्टि के विकास में ध्यान और मेडिटेशन की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए ध्यान आवश्यक है.
आंतरिक शांति का प्रभावी माध्यम है हार्टफुलनेस
कुलसचिव प्रो. अबु बकर रिजवी ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी और तनावपूर्ण माहौल में हार्टफुलनेस मेडिटेशन मानसिक संतुलन एवं आंतरिक शांति प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है. उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से इस कार्यशाला का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की.
व्यावहारिक प्रशिक्षण पर रहेगा जोर
कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो. कीर्ति ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को ध्यान, आत्म-प्रबंधन, तनाव नियंत्रण, मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन तथा जीवन में सकारात्मकता विकसित करने से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा.
कई शिक्षाविद और विशेषज्ञ रहे उपस्थित
कार्यक्रम में पटना विश्वविद्यालय की प्रो. अमृता सिन्हा, हीमेटोलॉजिस्ट डॉ. अविनाश कुमार, पीएमसीएच के डॉ. सुनील कुमार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सीओसी शाखा की प्रबंधक अंजलि, वित्त सलाहकार शशि रंजन, डीएसडब्ल्यू प्रो. राजीव रंजन, डीन प्रो. अशोक कुमार, पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. रिति कुमारी, महाविद्यालय निरीक्षक प्रो. कृष्णनंदन प्रसाद, डॉ. हसन सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे.
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