पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट
Patna News : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) के इमरजेंसी में हाल के दिनों ड्यूटी पर तैनात संबंधित चिकित्सकों और अस्पतालकर्मियों की लापरवाही से अमन नाम के छात्र की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है. मरीजों को समय पर इलाज, ट्रॉली की उपलब्धता, इमरजेंसी सेवाओं की तत्परता, साफ-सफाई और अस्पताल में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए अधीक्षक डॉ राजीव कुमार सिंह ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं.
विभागाध्यक्षों (एचओडी), सीनियर रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ और हेल्थ मैनेजर्स के साथ अलग-अलग बैठकें कर उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि मरीजों की सुविधा और उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. पीएमसीएच में हाल के दिनों में इमरजेंसी सेवाओं, ट्रॉली की उपलब्धता और मरीजों के उपचार में देरी जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठे थे.
जानिए…क्या था मामला कैसे हुई थी अमन की मौत
6 जून को अमन जेपी गंगा पथ (Marine Drive) पर साइकिल चलाते समय एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया था. हादसे में घायल को एंबुलेंस से पीएमसीएच में इलाज के लिए लाया गया था. घायल अमन के साथ कोई परिजन नहीं थे. परिजनों ने आरोप लगाया कि घायल अमन को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने के बाद भी करीब एक घंटे तक स्ट्रेचर पर तड़पने दिया गया, जिसके बाद इलाज के चार घंटे बाद उसकी मौत हो गई. कहा कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी.
हेल्थ मैनेजरों को मिली पांच बड़ी जिम्मेदारियां
अस्पताल की रोजमर्रा की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हेल्थ मैनेजरों की जवाबदेही भी तय की गई है. अस्पताल में ट्रॉली की कमी को लेकर समय-समय पर उठती शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने इसे प्राथमिकता के तौर पर लिया है. अधीक्षक ने हेल्थ मैनेजर्स को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी मरीज को ट्रॉली के लिए भटकना नहीं पड़े. यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. अगले एक सप्ताह के भीतर अस्पताल में पर्याप्त संख्या में नई ट्रॉलियां उपलब्ध करा दी जाएंगी. इसके अलावा अस्पताल परिसर और वार्डों की साफ-सफाई की निगरानी, आंतरिक व्यवस्था बनाए रखने तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने की जिम्मेदारी दी गई है.
ट्रायज सिस्टम को प्रभावी बनाने पर जोर
इमरजेंसी सेवाओं को लेकर उठे सवालों के बाद अस्पताल प्रशासन ने ट्रायज व्यवस्था को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया है. अधीक्षक ने सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स समेत सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि गंभीर मरीजों के मामले में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल या रक्तस्राव से जूझ रहे मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए.
पाॅइंट से समझिए सुधार को लेकर लिय गये प्रमुख फैसले
- नर्सिंग स्टाफ के लिए समय पर ड्यूटी और अनिवार्य हैंडओवर व्यवस्था
- हर मरीज को जरूरत पड़ने पर तुरंत ट्रॉली उपलब्ध कराने का निर्देश
- एक सप्ताह में ट्रॉलियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
- ट्रायज व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर
- गंभीर मरीजों के उपचार में देरी रोकने के निर्देश
- हेल्थ मैनेजरों को सफाई, सुरक्षा और जांच सेवाओं की निगरानी की जिम्मेदारी
- अस्पताल में अनधिकृत वीडियो बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई
Also Read : रौशन आनंद की बेल पर टली सुनवाई, खान सर के बॉडीगार्ड्स पर भी कोर्ट ने सुरक्षित रखा आदेश, अब इस दिन आएगा फैसला
