लाॅरेंस बिश्नाेई गैंग के बिहार प्रभारी परमानंद ने पटना सिटी के फर्जी पते पर बनवाया था पासपोर्ट

लाॅरेंस बिश्नाेई गैंग के बिहार प्रभारी परमानंद यादव व उसके तीन अन्य साथियों को एसटीएफ व पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. खास बात यह है कि परमानंद यादव के पास से बरामद पासपोर्ट फर्जी पते पर बनाने का भी खुलासा हुआ है

-जक्कनपुर इलाके में बना रखा था ठिकाना

-ऑडियो व वीडियो कॉल कर बिहार व झारखंड के कारोबारियों से मांगता था रंगदारी

-पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मसौढ़ी से किया है गिरफ्तार

संवाददाता, पटना

लाॅरेंस बिश्नाेई गैंग के बिहार प्रभारी परमानंद यादव व उसके तीन अन्य साथियों को एसटीएफ व पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. खास बात यह है कि परमानंद यादव के पास से बरामद पासपोर्ट फर्जी पते पर बनाने का भी खुलासा हुआ है. वह मूल रूप से झारखंड के लातेहार के चंदवा के चेटर का रहने वाला है. लेकिन, इसने अपना पासपोर्ट पटना सिटी के चाैक थाने के हाजीगंज के कैमाशिकाेह के फर्जी पते पर बनवाया था. इसका पासपोर्ट नंबर एजी 863563 है. पासपोर्ट सितंबर, 2025 में पटना क्षेत्रीय पासपाेर्ट कार्यालय से जारी किया गया था. इसके अलावा इसने पटना सिटी के पते पर ही आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बनवाया था. साथ ही उस आधार कार्ड के माध्यम से कई सिम कार्ड भी इश्यू करा लिया था. परमानंद यादव इसी पासपोर्ट से अमन साहू गैंग के सरगना राहुल सिंह से मिलने के लिए पहले कनाडा गया था. इसके बाद यह फिर से राहुल सिंह से मिलने मलयेशिया गया और 11 दिसंबर, 2025 को पटना लौटा था. इसके बाद जक्कनपुर में किराये का फ्लैट लेकर रह रहा था और बिहार व झारखंड के कारोबारियों को ऑडियो व वीडियो कॉल कर रंगदारी मांगता था.

बिना पते का सत्यापन किये ही भेज दिया गया एसएसपी कार्यालय, शक के घेरे में पुलिस पदाधिकारी

परमानंद यादव के फर्जी पते पर पासपोर्ट इश्यू कराने के मामले की जांच शुरू कर दी गयी है. इसमें चौक थाने का एक पुलिस पदाधिकारी भी शक के घेरे में है, जिसने पते की बिना जांच किये ही ऑनलाइन आवेदन को सत्यापित कर एसएसपी कार्यालय भेज दिया. उस पुलिस पदाधिकारी की भूमिका की जांच की जायेगी.

मसौढ़ी में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद परमानंद को किया गया था गिरफ्तार

मालूम हो कि एसटीएफ व पटना पुलिस की टीम ने गुरुवार को बेऊर से लेकर मसौढ़ी तक छापेमारी की थी. बेऊर में छापेमारी के दौरान इसके तीन साथियों विक्की उर्फ नीरज कुमार, चंदन व शिवम आनंद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि परमानंद बाइक से फरार हो गया. लेकिन एसटीएफ व पटना पुलिस ने मसौढ़ी में घेर लिया. उसने भागने के लिए पुलिस पर फायरिंग की. लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में इसके दायें पैर में गोली लगी और जख्मी हो कर गिर पड़ा. इसके बाद पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया.

लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस टीम ने परमानंद यादव से पूछताछ की. साथ ही उसके पास से बरामद मोबाइल फोन की सीडीआर निकाल कर जांच की जा रही है. लॉरेंस बिश्नोई और अमन साहू गैंग के सदस्यों के ठिकानों के संबंध में पता किया जा रहा है और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बादल सिंह को एसटीएफ पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. परमानंद का कनेक्शन बादल सिंह से भी जुड़ा हुआ है.

राजस्थान के हिस्ट्रीशीटर ने भी बनवाया था गयाजी जिले के फर्जी पते पर पासपोर्ट

बिहार के गयाजी के फर्जी पते पर राजस्थान के हिस्ट्रीशीटर दिलीप नाथ ने पासपोर्ट बनवाया था. वह जब अगस्त, 2025 में पकड़ा गया था तो उसके पास से एक पासपोर्ट बरामद किया गया था, जिसमें उसने गयाजी जिले का पता दिया था और पासपोर्ट कार्यालय पटना से इश्यू किया गया था, जबकि यह मूल रूप से राजस्थान के उदयपुर जिले के नाई थाना क्षेत्र का रहने वाला है. इस संबंध में पटना के कोतवाली थाने में केस दर्ज किया गया था. जांच में यह बात सामने आयी थी कि दिलीप ने गयाजी जिले के कोठी थाना अंतर्गत विकोपुर गांव का पता इस्तेमाल करते हुए आधार कार्ड बनवाया. इसके बाद उसी पते पर उसने इमामगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में खाता भी खुलवाया. साथ ही पटना पासपोर्ट कार्यालय से पासपोर्ट इश्यू करा लिया.

पुणे के घोड़ा कारोबारी का पटना से पासपोर्ट बनवाने का मामला हुआ था चर्चित

2013 में पुणे के घोड़ा व्यापारी और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपित हसन अली खान के भी पटना के फर्जी पते का इस्तेमाल कर पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया था. यह मामला काफी चर्चित हुआ था.

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By DURGESH KUMAR

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