Patna News : स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के आह्वान पर 13-14 अगस्त को पालीगंज प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समक्ष आयोजित दो दिवसीय सामूहिक अनशन सत्याग्रह शुक्रवार को संपन्न हुआ. अनशन पर बैठे कार्यकर्ताओं को भाकपा माले के केंद्रीय कमेटी सदस्य सह पालीगंज विधायक डॉ. संदीप सौरभ ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया. इस दौरान आंदोलन को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया गया.
10 सूत्री मांगों का ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा
खेग्रामस की ओर से 10 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रखंड-अंचलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया. आंदोलन में सैकड़ों खेत मजदूरों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया.
भाकपा माले पटना ग्रामीण जिला कमेटी सदस्य राजेश कुमार ने बताया कि सत्याग्रह में खेग्रामस के प्रखंड सचिव कृष्ण नंदन दास, अध्यक्ष उमेश मांझी, भाकपा माले के जिला कमेटी सदस्य विनेश चौधरी, अविनाश कुमार, नागो देवी, सीता पति देवी, सुरेश पासवान, मुमताज अंसारी और सरस्वती देवी समेत अन्य कार्यकर्ता अनशन पर बैठे.
भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन देने की मांग
आंदोलनकारियों ने गरीबों और भूमिहीन परिवारों के लिए कई मांगें उठायीं. इनमें जहां गरीब बसे हैं, उन्हें पीपी एक्ट 1947 के तहत बासगीत पर्चा देने, सभी भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने, गरीबों की झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाना बंद करने और प्रत्येक पंचायत में भूमिहीन गरीबों के लिए सरकारी आवास कॉलोनी बनाने की मांग प्रमुख रही.
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाकर सात लाख रुपये करने, ग्रामीण रोजगार योजना में 125 दिनों के काम की गारंटी, न्यूनतम मजदूरी 700 रुपये करने, काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने, राशन कार्ड से गरीब भूमिहीनों के नाम हटाना बंद करने और गरीब परिवारों के बच्चों को मुफ्त उच्च शिक्षा की गारंटी देने की मांग की गयी.
संघर्ष को व्यापक बनाने का आह्वान
सभा को भाकपा माले के जिला कमेटी सदस्य विनेश चौधरी, राजेश कुमार, नागो देवी, खेग्रामस प्रखंड सचिव कृष्ण नंदन दास, सुरेंद्र पासवान तथा भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य सह पालीगंज विधायक डॉ. संदीप सौरभ ने संबोधित किया. वक्ताओं ने कहा कि गरीबों, मजदूरों और किसानों के अधिकारों के लिए चल रहे संघर्ष को व्यापक बनाकर ही उनकी मांगों को पूरा कराया जा सकता है. उन्होंने कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से आंदोलन को और मजबूत करने का आह्वान किया.
