अंगदान से मौत के बाद भी छह से आठ जिंदगियों को मिल सकता है नया जीवन: आईजीआईएमएस

एक व्यक्ति का अंगदान छह से आठ लोगों को नया जीवन दे सकता है. समाज में अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर कर इस महादान से जुड़ने की अपील की गई है. आईजीआईएमएस में जल्द लीवर ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू होगी.

Patna News : (पटना) एक व्यक्ति का अंगदान छह से आठ लोगों की जिंदगी को नया जीवन दे सकता है. समाज में अंगदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर कर अधिक से अधिक लोगों को अंगदान महादान की मुहिम से जुड़ना चाहिए. पटना सहित पूरे बिहार और देश में हजारों मरीज आज भी अंग प्रत्यारोपण का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अंगदाताओं की कमी सबसे बड़ी चुनौती है. ये बातें सूरत से आए डोनेट हार्ट से जुड़े पद्मश्री निलेश मंडलेवाला ने कहीं.

कार्यक्रम में अंगदान और नेत्रदान के महत्व पर विचार रखे

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) के क्षेत्रीय चक्षु संस्थान में आयोजित अंगदान एवं नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम में निलेश मंडलेवाला मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम में दधीचि देहदान समिति के महासचिव पद्मश्री विमल जैन और एम्स गोरखपुर के चेयरमैन पद्मश्री डॉ. हेमंत कुमार ने भी अंगदान एवं नेत्रदान के महत्व पर विचार रखे. संस्थान के उपनिदेशक एवं क्षेत्रीय चक्षु संस्थान के चीफ प्रो. डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान निदेशक डॉ. बिंदे कुमार, डॉ. हेमंत कुमार और डॉ. निलेश मंडलेवाला ने संयुक्त रूप से किया.

आईजीआईएमएस में जल्द शुरू होगा लीवर ट्रांसप्लांट

संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार ने कहा कि आईजीआईएमएस में लीवर ट्रांसप्लांट को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है. जल्द ही संस्थान में लीवर ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की जाएगी. इससे बिहार के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों या निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

ब्रेन डेथ के बाद परिवार की सहमति से हो सकता है अंगदान

प्रो. डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार में अंगदान एवं नेत्रदान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना और इसे अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करना है. उन्होंने कहा कि ब्रेन डेथ ऐसी स्थिति है, जिसमें चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत अंगों को सुरक्षित रखते हुए परिवार की सहमति से अंगदान किया जा सकता है. एक व्यक्ति के अंगदान से कई जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाया जा सकता है.

युवाओं से अंगदान मुहिम से जुड़ने की अपील

पद्मश्री डॉ. हेमंत कुमार ने छात्र-छात्राओं और युवाओं से अंगदान एवं नेत्रदान की मुहिम से जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि युवा समाज के अधिक से अधिक लोगों तक अंगदान का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

पद्मश्री डॉ. विमल जैन ने दधीचि देहदान समिति के कार्यों की जानकारी देते हुए देहदान और अंगदान के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने लोगों से इस नेक कार्य से जुड़ने का आह्वान किया. कार्यक्रम में डॉ. प्रो. ओम कुमार, डीन एकेडमिक और दधीचि देहदान समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रसाद ने भी अपने विचार रखे.

उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सक और कर्मी सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान अंगदान एवं नेत्रदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया. इनमें डॉ. राखी कुसुमेश, डॉ. वंदना पराशर, डॉ. अंकिता सिंह और डॉ. पल्लवी डोकानिया सहित अन्य चिकित्सक एवं कर्मचारी शामिल रहे. इसके अलावा सिस्टर डेजी वायलेट इक्का, सिस्टर संध्या रानी और सिस्टर मंजुला कुजूर समेत आई बैंक ऑफ बिहार से जुड़े चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को भी उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया.


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By आनंद तिवारी

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