सरकारी स्कूलों में बनेगा एक भारत-श्रेष्ठ भारत क्लब

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब देश के विभिन्न राज्यों के विविध संस्कृति व प्रथाओं से अवगत कराया जायेगा.

स्कूली बच्चे देश के विभिन्न राज्यों के संस्कृति व प्रथाओं से होंगे अवगत

संवाददाता, पटना

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब देश के विभिन्न राज्यों के विविध संस्कृति व प्रथाओं से अवगत कराया जायेगा. इसके लिए स्कूलों में ””एक भारत-श्रेष्ठ भारत”” क्लब का गठन किया जायेगा. ”””” एक भारत-श्रेष्ठ भारत ”””” कार्यक्रम की शुरूआत प्रधानमंत्री ने वर्ष 2015 में शुरू की थी. कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में रहने वाले लोगों के बीच विविध संस्कृति परंपराओं, संगीत, पर्यटन, खान-पान, खेलकूद व प्रथाओं का आदान-प्रदान के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देना है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय ने स्कूलों में ””””एक भारत-श्रेष्ठ भारत”””” क्लब का गठन करने का निर्देश दिया है. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी बीइओ और विद्यालय अवर निरीक्षक को निर्देशित किया है कि स्कूलों में ”””” एक भारत-श्रेष्ठ भारत ”””” क्लब के तहत बिहार राज्य से मिजोरम एवं त्रिपुरा को संबंध करते हुए विद्यार्थियों में इन राज्यों के भाषा, संस्कृति, साहित्य, खेल, पर्यटन आदि से अवगत कराया जाये.

गतिविधियों का कंटेंट दीक्षा पोर्टल पर है उपलब्ध

”””” एक भारत-श्रेष्ठ भारत ”””” के तहत विद्यालय के नोडल शिक्षक द्वारा प्रत्येक सप्ताह चेतना सत्र में संबंध राज्यों के सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों के तहत अपने राज्य की भाषा और संबंध राज्यों की भाषा में बच्चों की जानकारी दी जायेगी. गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए भाषा संगम की सामग्री व बुकलेट ऑडियो व वीडियो दीक्षा पोर्टल उपलब्ध है. इसके साथ ही एनसीईआरटी के वेबसाइट पर भी सभी राज्यों की भाषा में वर्णमाला, गीत, कहावतें और 100 से अधिक वाक्य उपलब्ध है. नोडल शिक्षा द्वारा इनके माध्यम से विद्यार्थियों को संबंध राज्यों की भाषा से अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे. इंटरनेट मीडिया का सहयोग लेकर मिजोरम व त्रिपुरा से संबंधित स्थानीय समाचारों, पत्र-पत्रिकाओं से अवगत कराया जायेगा. इससे संंबंधित प्रत्येक माह विद्यालयों को कैलेंडर उपलब्ध कराया जायेगा. इसके साथ ही स्कूल स्तर पर भाषण, लेखन, क्विज, रंगोली, चित्रकारी और सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजित करायी जायेगी. यह सारे कार्यक्रम मिजोरम व त्रिपुरा थीम पर आधारित होगा. यह प्रतियोगिता जिले के सभी स्कूलों में दिसंबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित होगी.

जिले में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों होगी प्रतियोगिता

जिला शिक्षा कार्यालय ने कहा है दिसंबर के अंतिम सप्ताह में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मिजोरम व त्रिपुरा के थीम पर प्रतियोगिता आयोजित होगी. जिस दिन यह प्रतियोगिता आयोजित होगी उस दिन स्कूलों में बैनर, प्रतिभागियों एवं मूल्यांकनकर्ताओं के लिए लंच और चाय की व्यवस्था रहेगी. अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार भी दिया जायेगा. स्कूल अपने स्तर पर पांच हजार रुपये तक राशि खर्च कर सकते हैं. स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा आयोजित होने वाले अच्छे गतिविधियों कम से कम 20 फोटो और वीडियो संकलित कर गूगल ट्रैक पर अपलोड करेंगे.

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Author: AMBER MD

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