अब बिजली उपभोक्ताओं की बात सुनेगी तकनीक, मगही भोजपुरी में भी होगा संवाद

अब बिजली उपभोक्ताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए न तो कई जगह भटकना पड़ेगा और न ही बार-बार अपनी बात दोहरानी होगी.

By RAKESH RANJAN | May 6, 2025 1:23 AM

संवाददाता, पटना अब बिजली उपभोक्ताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए न तो कई जगह भटकना पड़ेगा और न ही बार-बार अपनी बात दोहरानी होगी. ऊर्जा विभाग इस माह के अंत तक एक ओमनी-चैनल सीआरएम प्रणाली शुरू करने जा रहा है, जो उपभोक्ताओं की बात न सिर्फ सुनेगा , बल्कि हिंदी, अंग्रेजी और भोजपुरी जैसी अपनी भाषा में समझेगा भी. बिहार में बिजली उपभोक्ताओं से संवाद और शिकायत निवारण प्रक्रिया को और अधिक तेज, सटीक व प्रभावी बनाने की कवायद की जा रही है. इसके लिए पारंपरिक चैटबॉट के स्थान पर जेनेरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आधुनिक चैटबॉट विकसित किया जायेगा. ऊर्जा सचिव पंकज कुमार पाल ने विद्युत भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में इस प्रणाली को समय पर और पूरी तैयारी के साथ लागू करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद को सरल, सुगम और सशक्त बनाने के लिए स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-स्पीच, आइवीआर सिस्टम और जेनेरेटिव एआइ चैटबॉट जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जायेगा. इस नयी व्यवस्था में उपभोक्ताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए कॉल सेंटर, मिस्ड कॉल, वेबसाइट, व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया जैसे विकल्प मिलेंगे. पावर कट की सूचना उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की तैयारी बिजली उपभोक्ताओं को बिना पूर्व सूचना के बार-बार हो रही बिजली कटौती से राहत देने के लिए ऊर्जा विभाग ने एक नयी व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है. अब प्रत्येक शटडाउन की सूचना उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल फोन पर एसएमएस या अन्य डिजिटल माध्यमों से पहले से भेजी जायेगी, ताकि वे किसी भी तरह की असुविधा के लिए मानसिक रूप से तैयार रह सकें. ऊर्जा विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के निर्देश के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत अधीक्षण अभियंता पावर कट की निगरानी करेंगे, और स्थल पर सहायक या कनीय अभियंता की उपस्थिति अनिवार्य होगी.

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