ट्रेनों में अब सोलर पैनल से चलेंगे एसी और पंखे

पटना जंक्शन समेत दानापुर मंडल से गुजरने वाली ट्रेनें अब जल्द ही सोलर पैनल से लैस होंगी

By KUMAR PRABHAT | January 6, 2026 11:47 PM

आनंद तिवारी, पटना पटना जंक्शन समेत दानापुर मंडल से गुजरने वाली ट्रेनें अब जल्द ही सोलर पैनल से लैस होंगी. इससे जहां रेलवे की बिजली व डीजल बचेगी, वहीं आर्थिक बचत भी होगी. इसकी शुरुआत कैंपेन से की जा रही है, जो दानापुर रेलवे यार्ड में तैयार कर दी जायेगी है, जल्द ही इसे ट्रैक पर रेलकर्मियों के लिए दौड़ाया जायेगा. जो ट्रैक के मेंटनेंस समेत अन्य निर्माण कार्य के उपयोग के लिए किया जायेगा. एक कोच में 70 से 72 लोगों के बैठने की क्षमता है. कैंपेन कोच के ऊपर रूप टॉप फ्लेक्सिबल सोलर प्लेट लगाया गया है, जिससे प्रतिदिन करीब 40 से 50 यूनिट बिजली मिल सकेगी. सोलर सिस्टम से लैस इस कोच में हर साल करीब डेढ़ लाख रुपये की बिजली की बचत होगी. इसी क्रम में जल्द ही यात्री कोच के लिए भी सोलर सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे अब कोच के अंदर लगे एसी-पंखे को सोलर सिस्टम से चलाया जा सकता है. एक कोच में 120 किलोग्राम का पैनल इंस्टॉल होगा रेलवे अधिकारियों के अनुसार पहली बार रेल के कोच सोलर पैनल से लैस होने जा रहे हैं, जिससे पंखे, लाइट, और चार्जिंग स्लॉट काम करेंगे. हर कोच में 120 किलोग्राम के वजन का पैनल इंस्टॉल किया जायेगा, जो 15 से 20 यूनिट (केडब्लयूएच) ऊर्जा का उत्सर्जन करेगा. सोलर एनर्जी से यात्रियों की पॉवर की जरूरतें पूरा करने की इस तरह की कवायद में यह नया प्रयोग है. जानकारों की मानें, तो कैंपेन कोच के बाद मेमू व इंटरसिटी एक्सप्रेस में इसका प्रयोग करने की तैयारी की जा रही है. इसके बाद एसी कोच में किया जायेगा. बताया जा रहा है कि सवारी गाड़ियों की छत पर पीवी पैनल्स फिट किये जाएं. इससे सवारी गाड़ियों के धीमे चलने के कारण लो बैटरी की समस्या से निजात मिल सकेगी. ये पैनल वजन में न सिर्फ हल्के हैं बल्कि इन्हे लगाना भी बेहद आसान है. सोलर पैनल लगाने से होंगे तीन फायदे बोगियों में सोलर पैनल लगाने तीन फायदे होंगे. पहले तो पावर कार में लगने वाले डीजल की बचत होगी. दूसरे पावर कार हट जाने से दो अतिरिक्त यात्री कोच लगाये जा सकेंगे. इसके साथ ही यात्रियों को पावर कार यानी जनरेटर की शोर से भी मुक्ति मिलेगी. इतना ही नहीं पावर कार में आये दिन धुआं निकलने से चिंगारी जैसे घटनाएं होती हैं. ऐसे में इसके हट जाने से इस समस्या से भी काफी हद तक निजात मिल जायेगी. वहीं एलएचबी कोच में लगाये जाने वाले बोगियों को पावर सप्लाइ देने के लिए पावर कार लगाने की जरूरत पड़ती है. ऐसे में पावर कार में लगने वाले डीजल की बचत होगी.

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