जिले के 49 स्कूलों में बनेंगे नये भवन, पुराने स्कूलों की होगी मरम्मत

जिले के पुराने और जर्जर हो चुके स्कूल के भवनों का कायाकल्प करने के लिए नये कंस्ट्रक्शन और मरम्मत कार्य को विभाग की ओर से स्वीकृति दे दी गयी है.

संवाददाता, पटना

जिले के पुराने और जर्जर हो चुके स्कूल के भवनों का कायाकल्प करने के लिए नये कंस्ट्रक्शन और मरम्मत कार्य को विभाग की ओर से स्वीकृति दे दी गयी है. जिले की कक्षा एक से आठवीं कक्षा तक के स्कूल के भवनों को आकर्षक और सुंदर बनाने के उद्देश्य से जल्द ही मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा. वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत जर्जर हो चुके स्कूलों की मरम्मत की जानी है. वहीं 49 स्कूलों के नये भवनों का निर्माण करने की योजना तैयार की गयी है. स्कूलों की मरम्मत और नये भवनों के कंस्ट्रक्शन के लिए बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड की ओर से टेंडर जारी किया जायेगा. टेंडर जारी होने के बाद स्कूलों के निर्माण की निगरानी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की इंजीनियर टीम करेगी. नये भवनों के निर्माण के लिए स्थल का सर्वे कर लिया गया है. स्कूलों के भवनों के निर्माण के लिए प्रखंड स्तर पर भी इंजीनियरों की टीम की तैनाती की गयी है. जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से निरीक्षण की जिम्मेदारी जिस टीम को दी गयी है, उसे निर्माण से कार्य से संबंधित रिपोर्ट प्रतिदिन विभाग को सौंपनी होगी.

मरम्मत के लिए प्रति स्कूल 10 लाख और नये भवन के लिए 50 लाख होंगे खर्च

बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड और जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार स्कूलों के मरम्मत और नये भवनों का निर्माण कार्य एक साथ शुरू किया जायेगा. मरम्मत कार्य पर प्रति स्कूल 10 लाख रुपये और नये स्कूलों भवनों के निर्माण कार्य पर 50 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे. मरम्मत कार्य में स्कूलों में पेंटिंग के अलावा बिजली का कनेक्शन, टूटी दीवार और छत का मरम्मत, ब्लैक बोर्ड बनाना, विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग शौचालय, क्लासरूम और प्रधानाध्यापक कक्ष आदि शामिल हैं. जो स्कूल पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और वहां जमीन है, तो वहां नये भवन का निर्माण किया जायेगा. नये बनने वाले स्कूल भवन में पांच से छह क्लासरूम, प्रधानाध्यापक कक्ष, दो शौचालय, कॉरिडोर का निर्माण किया जायेगा.

स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण को दिया जायेगा बढ़ावा

जिले के स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्कूल कैंपस में पेड़-पौधे भी लगाये जायेंगे. जिन स्कूलों में खाली जमीन या मैदान है, तो वहां फूलों और छोटे पौधे से सजाया जायेगा. इसके अलावा बच्चों को

औषधीय पौधे के फायदे के बारे में जानकारी देने के लिए विभिन्न औषधीय पौधे भी लगाये जायेंगे. बच्चों को पौधे की देख-रेख करने के साथ ही लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए भी प्रेरित किया जायेगा. स्कूल परिसर स्वच्छ और सुंदर रहे यह स्कूल के प्रधान सुनिश्चत करेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AMBER MD

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >