NEET Paper Leak FIR: नीट पेपर लीक और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग को लेकर पटना में 22 और 25 जुलाई को प्रदर्शन छात्रों ने प्रदर्शन किया था. पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई थी. दोनों तरफ से पत्थरबाजी हुई थी. छात्रों के उग्र प्रदर्शन को देख उन पर लाठीचार्ज किया गया. इस मामले में अब छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
आधी रात ही जज के सामने किया गया पेश
पटना पुलिस ने बड़ी संख्या में आधी रात को ही जज के सामने पेश किया. उन्हें पटना के छज्जू बाग स्थित जजेज आवास लाया गया. इस दौरान छात्रों की संख्या लगभग 200 के आस-पास थी. एक तरफ जजेज आवास के अंदर सुनवाई चल रही थी. जबकि बाहर छात्रों के परिजन परेशान थे. अपने-अपने बच्चों के बाहर आने का इंतजार कर रहे थे. लेकिन सुनवाई के बाद छात्रों को सीधे बेऊर जेल भेज दिया गया.
सुनवाई के बाद वकील ने क्या कहा?
आधी रात को जजेज आवास में सुनवाई को लेकर वकील ने बताया कि छात्रों को बेल देने से इनकार कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि धारा 109 लगा है, इसलिए बेल नहीं दिया जा सकता. न्यायाधीश के सामने सभी 87 छात्रों को प्रोड्यूस किया गया था. दो वकीलों को भी हथकड़ी के साथ पुलिस ने जज के सामने प्रोड्यूस किया था. इसके बाद गांधी मैदान थाना अध्यक्ष समेत एक और पुलिसकर्मी को जज ने शो कॉज किया.
छात्रों पर कौन सी धारा लगाई गई?
जानकारी के मुताबिक, सभी छात्रों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 और 121 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. धारा 109 हत्या का प्रयास से संबंधित है, जबकि धारा 121 किसी लोक सेवक (सरकारी कर्मचारी या पुलिस) को उसके कर्तव्य का पालन करने से रोकने या डराने के लिए स्वेच्छा से चोट पहुंचाने या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है. कहा गया कि इन धाराओं के मद्देनजर छात्रों को छोड़ा नहीं जा सकता है.
छात्रों के परिजनों ने क्या कहा?
जजेज आवास के बाहर मौजूद एक छात्र के पिता ने कहा, मैं बीमार हूं.. मेरा बेटा दवा लेने के लिए घर से निकला था, मैंने मना भी किया था कि मत जाओ, लेकिन कहा कि नहीं पापा जी मैं लेकर आता हूं. मेरे बेटे को पुलिस ने उठा लिया, बहुत मारा है, वो चल भी नहीं पा रहा है. इसके साथ ही बाकी छात्रों के परिजन भी कुछ इसी तरह से बेबस दिखे.
बेऊर जेल जाते-जाते छात्रों ने क्या कहा?
आधी रात को बेऊर जेल ले जाने के दौरान एक छात्र ने कहा, मेरी गलती बस इतनी थी कि मेरे अंदर का देशभक्त जाग चुका था. इसलिए जेल भेजा जा रहा है.' इस दौरान एक अन्य छात्र ने कहा, मेरी तो कई गलती नहीं थी. मैं प्रदर्शन में भी शामिल नहीं था, फिर भी मुझे उठा लिया गया है. इस तरह कई छात्रों को यही कहना था कि उनकी गलती के बगैर जेल भेजा जा रहा है.
इस तरह छात्रों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पटना में 22 और 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन को लेकर कई सारे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. पुलिस की माने तो, कई फुटेज, वीडियोज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान की गई. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है. कुछ दिनों पहले ही 117 संदिग्धों की तस्वीरें भी जारी की गई थी.
