Patna News : नौबतपुर थाना क्षेत्र के तीसखोरा गांव में शनिवार की अलसुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां शौच के लिए घर से निकली 51 वर्षीय महिला की आहार में डूबने से मौत हो गई. मृतका की पहचान सुंदरी देवी के रूप में हुई है, जो गांव निवासी बद्री मांझी की पत्नी थीं. इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है.
घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, सुंदरी देवी रोज की तरह शनिवार की भोर में घर से शौच के लिए गांव के बाहर स्थित आहार की ओर गई थीं. इसी दौरान आहार के पास उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चली गईं. सुबह का समय होने के कारण आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे उन्हें समय पर बचाया नहीं जा सका.
काफी देर बाद शुरू हुई खोजबीन
जब काफी समय बीत जाने के बाद भी सुंदरी देवी घर वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों को चिंता होने लगी. इसके बाद परिवार के लोग और ग्रामीण उनकी तलाश में निकल पड़े. खोजबीन के दौरान कुछ ग्रामीणों की नजर आहार में तैर रहे एक शव पर पड़ी. पास जाकर देखने पर वह सुंदरी देवी का शव निकला. यह दृश्य देख वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं.
ग्रामीणों की मदद से शव को आहार से बाहर निकाला गया. घटना की खबर मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल गमगीन हो गया. हर कोई इस हादसे को लेकर स्तब्ध नजर आया.
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना तुरंत नौबतपुर थाना को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की. थाना प्रभारी मनजीत कुमार ठाकुर ने बताया कि पहली नजर में मामला डूबने से हुई मौत का लग रहा है. हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि किसी अन्य पहलू की भी पुष्टि हो सके.
गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतका का परिवार बेहद गरीब है. सुंदरी देवी अपने पीछे पति और दो छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं. पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे इस परिवार पर अब दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घर का माहौल पूरी तरह मातम में बदल गया है और परिजन बेसुध होकर रो रहे हैं.
मुआवजे की उठी मांग
घटना के बाद गांव के लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की मदद की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि इस गरीब परिवार को आपदा प्रबंधन कोष से जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए, ताकि उनके जीवनयापन में कुछ सहारा मिल सके.
