पीयू : मैथिली भाषा में पॉलिटिकल साइंस शब्दावली के मानकीकरण पर राष्ट्रीय कार्यशाला
पटना यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस विभाग द्वारा 05 से 09 जनवरी तक पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
संवाददाता, पटना
पटना यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस विभाग द्वारा 05 से 09 जनवरी तक पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह कार्यशाला वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली आयोग (सीएसटीटी), नयी दिल्ली, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित की गयी, जिसका उद्देश्य मैथिली भाषा में पॉलिटिकल साइंस व भारतीय ज्ञान और परंपरा से संबंधित शब्दावली का विकास और मानकीकरण करना था. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो सीमा प्रसाद ने कहा कि सीएसटीटी विभिन्न विषयों में हिंदी और सभी भारतीय भाषाओं में मानकीकृत शब्दावली के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है. इसी क्रम में पॉलिटिकल साइंस की मूलभूत शब्दावली (अंग्रेजी-हिंदी-मैथिली) और भारतीय ज्ञान व परंपरा की शब्दावली (संस्कृत-मैथिली) को विकसित किया जा रहा है. यह पहल उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, प्रभावी और रोजगारोन्मुखी बनाने में सहायक सिद्ध होगी. संयोजक व विषय विशेषज्ञ डॉ राकेश रंजन ने कहा कि भारतीय भाषाओं में ज्ञान-विज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में यह कार्यशाला एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने बताया कि आयोग वर्ष 1961 से भारतीय भाषाओं में वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली के मानकीकरण में सक्रिय है. जिसकी वर्तमान में विशेष प्रासंगिकता है. कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों के विचार-विमर्श के बाद मैथिली भाषा में लगभग 2,500 पॉलिटिकल साइंस शब्दों तथा भारतीय ज्ञान और परंपरा से संबंधित लगभग 1,400 शब्दों की समीक्षा कर उन्हें अंतिम रूप दिया गया. इस अवसर पर सीएसटीटी के सहायक निदेशक डॉ शहजाद अहमद अंसारी ने विभाग को कार्यशाला की मेजबानी के लिए धन्यवाद देते हुए बताया कि आयोग की विभिन्न द्विभाषी व त्रिभाषी शब्दावलियां www.shabd.education.gov.in पर उपलब्ध हैं. कार्यशाला में देश के कई वरिष्ठ विषय एवं भाषा विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
