लालू-राबड़ी दौर में भाजपा को मजबूती देने वाले नंद किशोर यादव को मिला बड़ा ईनाम, जानिए इनके बारे में

Nand Kishore Yadav: बिहार भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति ने 5 मार्च को उनके नाम की घोषणा की. सात बार विधायक रहे यादव अपने चार दशक लंबे बेदाग राजनीतिक करियर और सांगठनिक कौशल के लिए जाने जाते हैं.

Nand Kishore Yadav: बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव को राष्ट्रपति की ओर से नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. नंद किशोर यादव का जन्म 1953 में हुआ. वो 1969 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और तब से विचारधारा के प्रति समर्पित रहे. उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत पटना नगर निगम के एक वार्ड काउंसलर के रूप में की थी. अपनी मेहनत और सादगी के दम पर वे पटना के डिप्टी मेयर बने और फिर मुख्यधारा की राजनीति में कदम रखा. 1995 से वे लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं और सात बार विधायक रहने का रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज है.

लालू राज में बने भाजपा की ढाल

जब बिहार में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का शासन था, उस दौर में नंद किशोर यादव ने भाजपा को जमीन पर मजबूत किया. उन्होंने पांच सालों तक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई और सुशील मोदी के साथ मिलकर विपक्ष की आवाज बुलंद की. वे एक कुशल संगठनकर्ता माने जाते हैं. उन्होंने पार्टी को कैडर स्तर पर खड़ा किया.

नंद किशोर यादव केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक मंझे हुए प्रशासक भी हैं. नीतीश सरकार में उन्होंने पथ निर्माण, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा संभाला. 2025 के चुनावी हलफनामे उनके पास 13.70 करोड़ रुपये की संपत्ति है. उन पर एक भी पैसे का कर्ज नहीं है.

नीतीश से तालमेल और नई भूमिका

नंद किशोर यादव की खासियत यह रही कि उन्होंने गठबंधन की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हमेशा बेहतरीन समन्वय बनाकर रखा. जब 2013 में गठबंधन टूटा, तब उन्होंने नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई. अब राज्यपाल के रूप में वे नागालैंड की संवैधानिक व्यवस्था को नई दिशा देंगे. उनकी इस नियुक्ति पर बिहार भाजपा के नेताओं ने उनके समर्पण का सम्मान बताया है.

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कैसा रहा राजनितिक सफर

नंद किशोर यादव का राजनीतिक सफर करीब चार दशक लंबा रहा है. उन्होंने 1978 में पटना नगर निगम के पार्षद के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और 1982 में उप महापौर बने. 1990 में वे भाजपा युवा मोर्चा बिहार के अध्यक्ष बने. 1995 में उन्होंने पार्टी के प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी संभाली. 1998 से 2003 तक वे भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष भी रहे.

1995 से 2010 तक पटना पूर्वी और 2010 से 2025 तक पटना साहिब से विधायक रहे. इस दौरान वे सड़क निर्माण, पर्यटन, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री भी बने. 2013-15 में नेता प्रतिपक्ष, 2024-25 में विधानसभा अध्यक्ष रहे और 2026 में उन्हें नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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