विधायक पर गिरफ्तारी का शिकंजा

VIDEO: मुजफ्फरपुर से मोतिहारी तक विधायक का कथित सिंडिकेट, 25 केस, 100 से ज्यादा हिस्ट्रीशीटर और अब गिरफ्तारी की तैयारी

मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में एक बड़े आपराधिक सिंडिकेट के खुलासे के बाद पुलिस की जांच तेज हो गई है। बेलसंड के विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई पर गंभीर आरोप लगे हैं। इस नेटवर्क में 100 से अधिक हिस्ट्रीशीटरों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है।

Muzaffarpur MLA Crime Syndicate : मुजफ्फरपुर से लेकर सीतामढ़ी, वैशाली, मोतिहारी और शिवहर तक कथित तौर पर सक्रिय एक सिंडिकेट को लेकर पुलिस जांच तेज हो गयी है. इस मामले में बेलसंड के विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई अभिनव उर्फ सोनू सिंह पर पुलिस ने गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस के अनुसार, दोनों के संरक्षण में एक बड़ा आपराधिक नेटवर्क संचालित होने की बात सामने आयी है. पुलिस अब मामले में कोर्ट के समक्ष केस डायरी और वीडियो साक्ष्य पेश कर गैर-जमानती वारंट लेने की तैयारी में है.

25 मामलों में दर्ज है केस, आठ में विधायक और भाई नामजद

मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी में इस कथित सिंडिकेट से जुड़े कुल 25 मामले दर्ज हैं. इनमें आठ मामलों में विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान कई लोगों की भूमिका सामने आयी है और आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है.

100 से ज्यादा हिस्ट्रीशीटरों के शामिल होने का पुलिस का दावा

पुलिस के मुताबिक, इस कथित गैंग में 100 से ज्यादा हिस्ट्रीशीटरों के शामिल होने की जानकारी मिली है. आरोप है कि जमीन विवाद और कब्जे के मामलों में हथियारबंद लोगों का इस्तेमाल किया जाता था. पुलिस जांच में फर्जी कागजात के जरिये जमीन को विवादित बनाने और फिर दबाव बनाकर कब्जा करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है.

जेसीबी से मकान और बाउंड्री तोड़ने का आरोप

जांच के दौरान पुलिस के सामने यह आरोप भी आया है कि विरोध करने वाले लोगों पर दबाव बनाने के लिए हथियारबंद गुर्गों की मदद ली जाती थी. कुछ मामलों में जेसीबी से मकान और बाउंड्री वॉल गिराने के आरोप भी लगाए गये हैं. पुलिस रंगदारी मांगने और धमकी देने से जुड़े आरोपों की भी जांच कर रही है.

अहियापुर में जमीन कब्जे के मामले से बढ़ी कार्रवाई

पुलिस की कार्रवाई उस समय और तेज हुई, जब अहियापुर में जमीन कब्जे से जुड़े एक मामले में विधायक के भाई सोनू सिंह के पहुंचने की बात सामने आयी. पुलिस के अनुसार, सोनू सिंह पार्टी का झंडा लगी कार से वहां पहुंचे थे. उनके साथ बड़ी संख्या में बाइक और हथियारबंद लोगों के होने की बात भी जांच में सामने आयी है. इसी मामले के बाद पुलिस ने कथित सिंडिकेट से जुड़े लोगों पर कार्रवाई तेज की.

छठे आरोपी विकास राठौर की गिरफ्तारी

हाल ही में पुलिस ने इस मामले में कथित गैंग के छठे सदस्य विकास राठौर को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, अहियापुर के अयाची ग्राम में छापेमारी के दौरान एक कमरे में रखे डबल डोर फ्रिज से 273 लीटर विदेशी शराब बरामद की गयी. छापेमारी के दौरान विकास राठौर मौके से फरार हो गया था. बाद में पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश शुरू की और बैरिया इलाके के एक झोपड़ीनुमा होटल से उसे गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस टीम से अभद्रता का भी आरोप

पुलिस के मुताबिक, सोनू सिंह की तलाश में भीखनपुर इलाके में छापेमारी की गयी थी. इस दौरान पुलिस टीम के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला सामने आया. पुलिस इस घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है.

कोर्ट में साक्ष्य पेश कर वारंट लेने की तैयारी

एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, पुलिस के पास मामले से जुड़े केस डायरी, वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य हैं. इन्हें कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और आरोपों के बीच दोनों पक्षों का न्यायिक स्तर पर परीक्षण होना बाकी है.

जांच के बीच कई सवाल भी

पूरे मामले में पुलिस के दावों के साथ कई सवाल भी उठ रहे हैं. क्या वास्तव में इतने बड़े आपराधिक नेटवर्क को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था? क्या जमीन विवाद और रंगदारी के मामलों के पीछे कोई संगठित सिंडिकेट काम कर रहा था? या फिर पूरे मामले में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की भी कोई भूमिका है? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगा.

फिलहाल 25 मुकदमों, कई नामजद आरोपियों और कथित तौर पर 100 से अधिक हिस्ट्रीशीटरों के नेटवर्क की जांच ने मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में हलचल बढ़ा दी है. पुलिस की अगली कार्रवाई और कोर्ट के रुख पर पूरे मामले की दिशा निर्भर करेगी.

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By विवेक सिंह

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