Bihar Engineering College Faculty Recruitment : बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में 500 से अधिक सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी है. विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और संभावना जताई जा रही है कि सितंबर महीने में भर्ती प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच जाएगी.
शिक्षकों की कमी से प्रभावित हो रही है पढ़ाई
हाल ही में हुई विभागीय समीक्षा में सामने आया कि शिक्षकों की भारी कमी के कारण कई सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं. नियमित कक्षाओं के संचालन, प्रयोगशाला कार्य और समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने में संस्थानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
इंजीनियरिंग कॉलेजों में लगभग आधे पद खाली
राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में कुल 3,375 स्वीकृत पद हैं. इनमें वर्तमान में केवल 1,681 नियमित शिक्षक कार्यरत हैं. यानी करीब 1,694 पद अभी भी रिक्त हैं, जिससे कई विभागों में शिक्षकों का अनुपात निर्धारित मानकों से कम है.
पॉलिटेक्निक संस्थानों में भी शिक्षकों की कमी
सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. राज्य के 46 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में 2,302 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 1,096 शिक्षक कार्यरत हैं. इससे तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के प्रशिक्षण पर असर पड़ रहा है.
भर्ती से तकनीकी शिक्षा को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि नए सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति से इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर होगी. नियमित कक्षाएं संचालित करने, प्रयोगशाला आधारित शिक्षा को मजबूत करने और समय पर सत्र पूरा कराने में भी मदद मिलेगी.
सितंबर में आगे बढ़ सकती है नियुक्ति प्रक्रिया
सूत्रों के अनुसार विभाग भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. यदि तय समयसीमा के अनुसार प्रक्रिया पूरी होती है तो सितंबर में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति से संबंधित महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं. हालांकि भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना और विस्तृत कार्यक्रम जारी होना अभी बाकी है.
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