मोकामा में गंगा पर नया रेल पुल तैयार, मई से दौड़ेंगी ट्रेनें, इन लोगों को मिलेगा फायदा

Bihar News: मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहा नया डबल ट्रैक रेल पुल लगभग तैयार हो गया है. अप्रैल तक काम पूरा होने और सीआरएस निरीक्षण के बाद मई से इस पुल पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है.

Bihar News: बिहार में रेल यात्रियों के लिए जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे नए रेल पुल पर मई से ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है. करीब 1.86 किलोमीटर लंबे इस डबल ट्रैक रेल पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. अभी इसे मोकामा-बरौनी रेलखंड से जोड़ने के लिए पटरी बिछाने का काम तेजी से चल रहा है.

रेलवे अधिकारियों के अनुसार अप्रैल तक पुल को पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य है. इसके बाद विद्युतीकरण (Electrification) का काम पूरा किया जाएगा. फिर सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) निरीक्षण होगा. निरीक्षण के बाद मई में ही इस पुल से ट्रेनें चलने की उम्मीद जताई जा रही है.

उत्तर और दक्षिण बिहार को मिलेगा फायदा

इस नए पुल के चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क और मजबूत हो जाएगा. अभी गंगा पार करने के लिए ट्रेनों को काफी दबाव झेलना पड़ता है. नया पुल बनने से ट्रेनों की आवाजाही आसान और तेज हो जाएगी. यात्रियों को भी सफर में राहत मिलेगी.

एप्रोच लाइन सहित कुल लंबाई 14 किमी

रेलवे इस पुल को मोकामा-बरौनी रेलखंड से जोड़ने के लिए करीब 14 किलोमीटर लंबी एप्रोच रेल लाइन तैयार कर रहा है. इस पूरी परियोजना पर लगभग 1700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. पुल के साथ एप्रोच लाइन का निर्माण भी तेजी से पूरा किया जा रहा है.

आधुनिक तकनीक से तैयार हुआ पुल

यह नया रेल पुल आधुनिक तकनीक से बनाया गया है. पहले राजेंद्र सेतु पर केवल एक ही रेल लाइन थी. इसके कारण ट्रेनों को कई बार लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था. इससे समयपालन भी प्रभावित होता था.

नया पुल शुरू होने के बाद दोहरी पटरियों पर एक साथ ट्रेनों का संचालन संभव होगा. इससे ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी और परिचालन भी ज्यादा सुचारू होगा. खास बात यह है कि नए पुल के चालू होने के बाद भी राजेंद्र सेतु पर ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा.

110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

इस पुल पर स्टील स्लीपर लगाए गए हैं. इसकी वजह से ट्रेनें यहां से करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर सकेंगी. इसका फायदा यात्रियों के साथ-साथ मालगाड़ियों को भी मिलेगा. इस पुल की आधारशिला साल 2016 में रखी गई थी, जबकि निर्माण कार्य 2018 में शुरू हुआ था. अब काम अंतिम चरण में है. ऐसे में उम्मीद है कि मई से गंगा पर यह नया रेल पुल बिहार के रेल नेटवर्क को नई रफ्तार देगा.

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लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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