Farmer Registry: मधेपुरा जिले में किसानों के लिए चलाई जा रही फार्मर रजिस्ट्री योजना में लापरवाही बरतने वाले 38 कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालकों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. इन संचालकों पर किसान रजिस्ट्रेशन के लिए लगाए गए स्पेशल कैंप में सहयोग नहीं करने का आरोप है. जिला प्रशासन ने इसे सरकारी काम में उदासीनता और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ मानते हुए इन सभी 38 केंद्रों की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है.
डीएम ने इस वजह से लिया एक्शन
प्रशासन के आदेश में बताया गया कि यह कार्रवाई कुमारखंड, चौसा, आलमनगर, मुरलीगंज और सदर प्रखंड समेत अन्य ब्लॉक में की गई है. सरकार की प्राथमिकता थी कि इस अभियान के जरिए अधिक से अधिक किसानों का डेटाबेस तैयार किया जाए ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा मिल सके. लेकिन इन संचालकों की गैर-मौजूदगी और काम में ढिलाई की वजह से रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य प्रभावित हुआ. इस वजह से डीएम ने एक्शन लिया.
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इन संचालकों पर गाज
रद्द किए गए संचालकों मो. तनवीर आलम, राजा कुमार, प्रियंका कुमारी और ओंकार नाथ शर्मा सहित कुल 38 नाम शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि सीएससी संचालकों की भूमिका जमीनी स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण होती है क्योंकि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर होती है. ऐसे में उनकी अनुपस्थिति से न केवल सरकारी काम में रुकावट आई, बल्कि किसानों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
इस सख्त कदम के जरिए जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भविष्य में भी अगर कोई संचालक सरकारी योजनाओं के जमीन पर उतारने में लापरवाही दिखाएगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. फार्मर रजिस्ट्री जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए प्रशासन अब नए सिरे से व्यवस्था बनाने पर जोर दे रहा है. अधिकारियों ने कहा है कि किसानों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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