Lok Sabha Election 2024: बिहार में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव की भी बिछ रही बिसात

Lok Sabha Election 2024 राजनीतिक दल उम्मीदवारी में विधानसभा का समीकरण भी साध रहे हैं. इसमें कुशवाहा को फिलहाल केंद्र बिंदु बनाया गया है. घोषित उम्मीदवारों की सूची में कुशवाहा वोट को साधने का गणित लगाते देखा जा रहा है

Lok Sabha Election 2024 लोकसभा चुनाव की रणभेरी बज गयी है. बिहार में टिकटों के बंटवारे का सिलसिला जारी है. वोट को साधने में राजनीति दल जुट गये हैं. पाला बदलने का खेल भी बदस्तूर जारी है. जदयू ने अपने कोटे की सभी 16 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. राजद ने भी कई सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिये हैं. एनडीए के सहयोगी के तौर पर रालोमो और हम ने भी उम्मीदवार मैदान में उतार दिये हैं.

राजनीतिक दलों की घोषित उम्मीदवारों की सूची में कुशवाहा वोट को साधने का गणित लगाते देखा जा रहा है. जानकार बताते हैं कि इस लोकसभा चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव की भी बिसात बिछायी जा रही है. राजनीतिक दल उम्मीदवारी में विधानसभा का समीकरण भी साध रहे हैं. इसमें कुशवाहा को फिलहाल केंद्र बिंदु बनाया गया है. जातीय गणना की रिपोर्ट के अनुसार, यादव के बाद कुशवाहा आबादी में दूसरे स्थान पर हैं. कुशवाहा की आबादी 4.21 प्रतिशत है. लोकसभा और विधानसभा चुनाव में वोट देने का पैटर्न बदल जाता है. विधानसभा चुनाव में इसे साधने की कवायद हो रही है. कुशवाहा जाति का किसी भी दल की तरफ एकतरफा रूख चुनाव परिणाम को प्रभावित करेगा. यही कारण है कि नवादा और औरंगाबाद जैसी लोकसभा सीट पर राजद ने कुशवाहा उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया है.

तीन जातियों को मिलाकर बना था त्रिवेणी संघ

वर्ष 1934 में कोइरी, कुर्मी और यादव जाति को मिलाकर त्रिवेणी संघ बना था. बिहार के संदर्भ में त्रिवेणी संघ में शामिल यादव और कुर्मी को राज्य की गद्दी मिल गयी. अभी कुशवाहा को बिहार की सत्ता चलाने का अवसर नहीं मिला है. तब से अब तक कुशवाहा समाज में राजनीतिक भागीदारी की कवायद चल रही है.

नवादा व औरंगाबाद जैसी सीट पर राजद ने उतारा कुशवाहा उम्मीदवार

नवादा और औरंगाबाद जैसी सीट पर राजद ने कुशवाहा उम्मीदवार उतार दिये हैं. 16 सीटों में तीन सीटें जदयू ने कुशवाहा जाति के उम्मीदवार को दे दी है. जदयू ने बाल्मिकिनगर से सुनील कुमार, पूर्णिया से संतोष कुमार तथा रालोमो छोड़कर आये रमेश सिंह कुशवाहा की पत्नी विजयलक्ष्मी को सीवान से उम्मीदवार बना दिया है. जदयू ने अपने कोटे से लगभग 19 फीसदी टिकट कुशवाहा समाज को थमाया है.

उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोमो को एनडीए के सहयोगी दल के तौर पर एक सीट मिली है. वे खुद काराकाट से उम्मीवार हैं. अभी भाजपा की लिस्ट नहीं आयी है. राजद, कांग्रेस, लोजपा और वामपंथी दलों ने सभी सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारे हैं. सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवार घोषित होने के बाद कुशवाहा उम्मीदवारों में अभी और इजाफा की संभावना है.

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By RajeshKumar Ojha

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