प्रति पृष्ठ 220 रुपये लेकर कैथी लिपि में लिखे जमीन दस्तावेजों का होगा अनुवाद, विशेषज्ञों को प्रशिक्षण शुरू

राज्य में कैथी लिपि में लिखे जमीन के पुराने दस्तावेजों का अनुवाद अब प्रति पृष्ठ 220 रुपये लेकर हो सकेगा.

– कैथी लिपि 31 विशेषज्ञों के लिए पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ – भूमि सर्वेक्षण में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान की दिशा में राजस्व विभाग की अहम पहल संवाददाता, पटना राज्य में कैथी लिपि में लिखे जमीन के पुराने दस्तावेजों का अनुवाद अब प्रति पृष्ठ 220 रुपये लेकर हो सकेगा. यह दर सरकारी और निजी दोनों प्रकार के कार्यों के लिए मान्य होगी. इसे लेकर मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से कैथी लिपि के विशेषज्ञों के लिए पांच दिन का आवासीय प्रशिक्षण शुरू किया गया. फिलहाल कैथी लिपि जानने वाले 31 विशेषज्ञों का चयन किया गया है, जो राज्य के विभिन्न जिलों से हैं और प्रशिक्षण ले रहे हैं. इस प्रशिक्षण का आयोजन राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना में किया गया है. कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य दिव्य राज गणेश ने कहा कि बिहार में अधिकांश पुराने खतियान कैथी लिपि में उपलब्ध हैं. इस कारण आम रैयतों के साथ-साथ विभागीय कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. विशेष रूप से राज्य में चल रहे जमीन सर्वेक्षण कार्य में कैथी लिपि के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रहीं हैं. इन्हीं समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से विभाग द्वारा कैथी लिपि के जानकार विशेषज्ञों का चयन कर उन्हें आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के दौरान दी गयी कई जानकारी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश ने प्रशिक्षणार्थियों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की संरचना, कार्यप्रणाली और विभिन्न स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी. वहीं, दूसरे सत्र में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शोध छात्र प्रीतम कुमार और छपरा निवासी कैथी लिपि विशेषज्ञ वकार अहमद ने कैथी लिपि से संबंधित विस्तृत जानकारी साझा की. इस दौरान प्रशिक्षार्थियों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर देकर उनके संशयों का समाधान भी किया गया. क्या कहते हैं उपमुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में बड़ी संख्या में रैयतों की जमीन संबंधी पुराने दस्तावेज कैथी लिपि में होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया जा रहा है. इन विशेषज्ञों को विधिवत प्रशिक्षण देकर कम दर पर अनुवाद की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. इससे आम जनता को राहत मिलेगी और भूमि सर्वेक्षण सहित राजस्व से संबंधित अन्य काम अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेंगे.

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Published by: Durgesh kumar

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