Lalu Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मुखिया लालू प्रसाद यादव के जीवन से जुड़ी कई किताबें, उनकी जीवनी और स्मारिकाएं पटना के पास संपतचक इलाके के उदेनी के नजदीक कचरे के ढेर में फेंकी हुई पाई गई हैं. इस घटना के सामने आने के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया है. उन्होंने घटना को लालू यादव की राजनीतिक विरासत को मिटाने की एक साजिश बताया है.
रोहिणी आचार्य ने अपनों पर भी जताया शक
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट के जरिए कई सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने पूछा है कि आखिर किसके दिल में लालू यादव के लिए इतनी नफरत भरी है जो उनकी स्मृतियों और विचारों को इस तरह हाशिए पर धकेलना चाहता है. रोहिणी ने इस बात की आशंका भी जताई है कि कहीं कोई अपना कहे जाने वाला व्यक्ति ही राजनीतिक विरोधियों के इशारे पर तो ऐसा नहीं कर रहा है. उन्होंने साफ कहा कि यह महज कोई लापरवाही नहीं हो सकती, बल्कि यह लालू यादव की गौरव गाथा को जानबूझकर मलिन करने की कोशिश है.
राजनीतिक इतिहास और विरासत के अपमान पर नाराजगी
रोहिणी आचार्य का मानना है कि यह केवल कुछ किताबों या दस्तावेजों का अपमान नहीं है, बल्कि एक महान व्यक्तित्व और उनसे जुड़े बेमिसाल राजनीतिक इतिहास के साथ खिलवाड़ है. उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक और राजनीतिक धरोहर के साथ किए गए इस दुर्व्यवहार का सच सामने आना बेहद जरूरी है.
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मामले की पारदर्शी जांच की मांग
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने पोस्ट के अंत में रोहिणी आचार्य ने इस पूरे मामले की गहराई से तहकीकात करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इन सवालों का स्पष्ट और पारदर्शी जवाब मिलना चाहिए ताकि इस हरकत के पीछे का सच सबके सामने आ सके. रोहिणी के अनुसार, इस मामले में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति बिहार के इतने बड़े राजनीतिक इतिहास के साथ ऐसी हिमाकत न कर सके.
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