जन्माष्टमी पर पटना के इन 5 प्रमुख मंदिरों का जरूर करें दर्शन, यहां दिखेगा भक्ति और उत्सव का अनोखा संगम

Krishna Janmashtami 2025: कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की रंग-बिरंगी और भव्य सजावट देखने का अपना अलग ही आनंद है. पटना स्थित 5 मंदिर इस त्योहार पर भक्तों के लिए सबसे खास जगह बन जाते हैं. इस बार आप भी यहां जाकर भक्ति और उल्लास का अनोखा अनुभव जरूर करें.

Krishna Janmashtami 2025: जन्माष्टमी का त्योहार भगवान कृष्ण की लीला और भक्ति का प्रतीक है, जिसे पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. पटना में कई ऐसे मंदिर हैं जो इस खास मौके पर रंगीन रोशनी, फूलों की सजावट और सुंदर झांकियों से जगमगाते हैं. इन मंदिरों में भक्त न केवल पूजा-अर्चना करते हैं, बल्कि जन्माष्टमी में अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भजन-कीर्तन का भी आनंद उठाते हैं. अगर आप भी जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की भव्य सजावट और भक्तिमय माहौल का अनुभव करना चाहते हैं, तो इन मंदिरों की सैर करना आपके लिए यादगार साबित होगा.

गौड़ीय मठ मंदिर

पटना के मीठापुर स्थित श्री गौड़ीय मठ एक ऐसा मंदिर है जहां जन्माष्टमी जैसे खास अवसर पर भक्तों का सैलाब उमड़ता है. यहां की भव्य सजावट, भजन-कीर्तन और कीर्तन की गूंज मन को आध्यात्मिक शांति से भर देती है. मठ की दिव्य झांकियां और रंग-बिरंगे प्रकाश भक्तों को एक अनोखे भक्ति अनुभव में डुबो देते हैं. अगर आप जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की भक्ति का आनंद लेना चाहते हैं, तो श्री गौड़ीय मठ जरूर जाएं.

इस्कॉन मंदिर

पटना के बुद्ध मार्ग स्थित श्री श्री राधा बांके बिहारी जी मंदिर (ISKCON Patna) एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (ISKCON) के अंतर्गत आता है. यहां भक्तों के लिए नियमित रूप से कीर्तन, भजन, प्रवचन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है. बता दें कि यहां जन्माष्टमी पर 2 दिनों का भव्य आयोजन कराया जा रहा है.

राधा गोपाल मंदिर

पटना के चौधरी टोला घाट पर बना श्री राधा गोपाल मंदिर जिसे साल 1830 में टिकारी के राजा हित नारायण ने बनवाया था. यहां हरियाली और गंगा की बहती लहरें मंदिर की खूबसूरती को और बढ़ा देती हैं. खास बात यह है कि यहां के स्थानीय लोगो का मानना है की रात को यहां बांसुरी और पायल की मधुर आवाज सुनाई देती है.

राधा कृष्ण द्वारिका मंदिर

पटना के बोरिंग कैनाल रोड में स्थित राधा कृष्ण द्वारिका मंदिर अपनी मनमोहक वास्तुकला और रंग-बिरंगी सजावट के लिए जाना जाता है. इस मंदिर में भगवान कृष्ण और राधा रानी की जीवंत मूर्तियां भक्तों को आध्यात्मिक शांति और आनंद का अनुभव कराती हैं. जन्माष्टमी और अन्य त्योहारों के समय यहां भव्य उत्सव, कीर्तन और झांकियां लगती हैं, जो भक्तों के दिलों में भक्ति का संचार कर देती हैं.

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प्राचीन राधा कृष्ण ठाकुरवाड़ी मंदिर

पटना सिटी के बेलवरगंज इलाके में स्थित प्राचीन राधा कृष्ण ठाकुरबाड़ी मंदिर अपनी खास भव्यता और शांतिपूर्ण माहौल के लिए प्रसिद्ध है. यहां की रंग-बिरंगी सजावट, मधुर भजन-कीर्तन और भक्तों की श्रद्धा का समंदर जन्माष्टमी जैसे त्योहारों पर एक अलग ही ऊर्जा भर देता है.

(जयश्री आनंद की रिपोर्ट)

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By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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