KK Pathak: शिक्षा विभाग पर भड़के गिरिराज सिंह, बोले- स्कूल बंद, फिर शिक्षकों को क्यों बुला रहे काम पर

KK Pathak: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह शिक्षकों के मसले पर शिक्षा विभाग की जमकर आलोचना की है. उन्होंने कहा कि जब स्कूल बंद है फिर शिक्षकों को क्यों बुलाया जा रहा है. यह संवेदनहीनता है और इससे सरकार की छवि खराब हो रही है.

KK Pathak: पटना. बिहार के स्कूली शिक्षकों का पक्ष रखते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि जब स्कूल बंद है तो फिर शिक्षा विभाग शिक्षकों को स्कूल क्यों बुला रहा है. केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से बातचीत में ये बातें कहीं. उन्होंने विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) केके पाठक पर हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा विभाग को रोबोट की तरह चला रहा है. स्कूल बंद रहने पर भी शिक्षकों को स्कूल में बैठाया जा रहा है. मालूम हो कि भीषण गर्मी के चलते बिहार के स्कूलों में 8 जून तक बच्चों की छुट्टी कर दी गई है.

दक्षता परीक्षा पर भी उठाये सवाल

गिरिराज सिंह ने शिक्षकों के मसले को लेकर शिक्षा विभाग पर जमकर निशाना साधा. गिरिराज सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि शिक्षा विभाग में कोई व्यक्ति नहीं है, जिसमें संवेदना हो. तुगलकी कानून चलाया जा रहा है. इससे राज्य सरकार की छवि को नुकसान हो रहा है. गिरिराज सिंह ने स्कूल शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के लिए ली जानेवाली दक्षता परीक्षा पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा लेनी है तो आईएएस अफसरों की ली जाए. 16-17 साल काम कराने के बाद शिक्षकों की परीक्षा क्यों ली जा रही है.

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राहुल गांधी को देश से प्रेम नहीं

गिरिराज ने इस दौरान विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू की गलतियों का खामियाजा आज भी देश भुगत रहा है. मणिशंकर अय्यर देश के लोगों को क्या समझते हैं. हम पीओके को 1971 में ही ले सकते थे. मोदी सरकार पर आरोप लगानेवाले बताएं कि क्या कांग्रेस ने देश से गरीबी दूर कर दी. धर्म के आधार पर मुसलमानों को आरक्षण देकर हिंदुओं की नौकरी छीनी जा रही है. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को देश से कोई प्रेम नहीं है. वे चार जून के पहले ही कहीं बाहर जाएंगे.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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