क्या खेसारी लाल यादव का राजनीति से हुआ मोहभंग? बिहार की जनता को बताया दोषी!
Bihar News: भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव ने राजनीति से मोहभंग जताते हुए कहा कि सच बोलने वालों के लिए राजनीति सही जगह नहीं है. विधानसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने खुद को कलाकार के रूप में बेहतर बताया और बदलाव की जिम्मेदारी जनता पर डाली.
Bihar Politics: भोजपुरी के चर्चित गायक खेसारी लाल यादव को लगता है कि राजनीति से मोहभंग हो गया है. वे अब अभिनय को ही सही बता रहे हैं. उन्होंने शनिवार को यहां कहा कि मुझे लगता है कि सच बोलने वाला राजनीति में बहुत ऊपर तक नहीं जा सकता है. सच बोलने से समस्या है.
यहां सिर्फ झूठे वादे करना है: खेसारी
मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने विधानसभा चुनाव में हार के कारणों को लेकर कहा कि यह पूरे बिहार को पता है. यह चुनावी चीज है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैं एक कलाकार ही सही हूं. हम लोगों के लिए राजनीति सही नहीं है. राजनीति में सच बोलने से समस्या है. मुझे लगता है कि यहां जो सच बोलेगा वह राजनीति में बहुत आगे तक नहीं जाएगा. यहां सिर्फ झूठे वादे करना है. अगर आपको यह करने आता है तब ही आप राजनीति में आइए. दुनिया को बेवकूफ बनाना है, तब आओ.”
चुनाव हार गए थे खेसारी
उन्होंने आगे कहा कि हम लोग अपने जीवन में ईमानदारी से चले हैं. हमेशा से हमने जिम्मेदारी और ईमानदारी निभाई है. ये दोनों चीजें हममें थीं तभी हम यहां तक पहुंचे. बिहार विधानसभा चुनाव में खेसारी लाल यादव छपरा से चुनावी मैदान में उतरे थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
जनता को बताया दोषी
विधानसभा चुनाव में हार के कारणों को लेकर उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को बदलाव ही नहीं चाहिए या बेहतर कुछ नहीं चाहिए, तो उसके लिए कोई नेता या पार्टी नहीं हो सकती है. मुझे लगता है कि इसकी जिम्मेदारी जनता को उठानी पड़ेगी. जनता को अगर बेहतर बिहार दिख रहा है, तब भी ठीक है.
बिहार की जनता से की अपील
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मैं बेहतर हूं. मैं बेहतर तरीके से अपने जीवन में अपने बच्चों के लिए कर रहा हूं. अगर बिहार के लोगों को भी अपने बच्चों की बेहतरी के लिए कुछ करना है, तो उन्हें बेहतर विकल्प के साथ ही जाना पड़ेगा. अगर वे नहीं जाना चाहते हैं और उन्हें लगता है कि हमारे लिए यही सरकार है, तो यह उनका चुनाव है, उनकी अपनी सोच है. इसके लिए न मैं दोषी हूं, न कोई सरकार दोषी है. बिहार के लोगों को यह सोचना होगा.”
