कैमूर-वाल्मीकिनगर में हेलीपोर्ट, अधौरा में डिग्री कॉलेज, आदिवासियों के लिए भी सीएम सम्राट ने खोला पिटारा

Samrat Choudhary: बिहार सरकार ने आदिवासी समाज के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं. आदिवासी क्षेत्रों में मैराथन प्रतियोगिता, कैमूर के अधौरा में डिग्री कॉलेज और वाल्मीकिनगर- कैमूर में हेलीपोर्ट बनाने की घोषणा की गई है.

Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आदिवासी समाज के विकास को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं. उन्होंने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में मैराथन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. इसमें प्रथम विजेता को 1 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर आने वाले प्रतिभागी को 75 हजार रुपये और तीसरे विजेता को 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आदिवासी युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा.

अधौरा में खुलेगा डिग्री कॉलेज

सीएम ने कैमूर जिले के अधौरा इलाके के लिए भी बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि जहां आदिवासी समाज के लोग संघर्षपूर्ण जीवन जी रहे हैं, वहां डिग्री कॉलेज खोला जाएगा ताकि स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े.

वाल्मीकिनगर और कैमूर में बनेंगे हेलीपोर्ट

मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर और कैमूर में हेलीपोर्ट बनाने की घोषणा भी की. उनका कहना है कि इससे इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे.

‘बिरसा लिब्स इन न्यू भारत’ कार्यक्रम में सीएम का संबोधन

मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में आयोजित ‘जनजातीय गरिमा उत्सव 2026’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लाभार्थियों से संवाद किया. यह कार्यक्रम ‘बिरसा लिब्स इन न्यू भारत’ थीम के तहत आयोजित किया गया था.

सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिहार में एकलव्य विद्यालय खोले गए हैं, जहां बिहार बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई बोर्ड के पाठ्यक्रम की भी पढ़ाई होगी. इससे आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा.

आदिवासी क्षेत्रों में बढ़ेगा होम स्टे

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना शुरू की जाएगी. इससे पर्यटक आदिवासी संस्कृति और जीवनशैली को करीब से समझ सकेंगे. साथ ही स्थानीय लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी.

लाखों छात्रों को मिल रही छात्रवृत्ति

सरकार की ओर से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत करीब 1 लाख 4 हजार एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है. इनमें 4155 विद्यार्थी आदिवासी समाज से हैं. वहीं प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत इस वर्ष 20 लाख 46 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ मिला है, जिनमें 1.41 लाख विद्यार्थी एसटी वर्ग के हैं.

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Published by: Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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