राजद ने अपने विधायकों व विधान परिषद के सदस्यों को पार्टी फंड को लेकर निर्देश जारी किया है. जिसके अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं को अब पार्टी फंड में हर महीने 10 हजार रूपए जमा कराने होंगे. इस मामले के बाहर आने के बाद अब यह तूल पकड़ता दिख रहा है. एक तरफ जहां जदयू इसे लेकर राजद पर हमलावर है वहीं राजद के तरफ से भी इसका बचाव किया जा रहा है.
दरअसल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लालू यादव की पार्टी राजद ने अपने विधायकों और विधान पार्षदों से हर महीने पार्टी फंड में 10 हजार रूपए जमा करने का निर्देश जारी किया. साथ ही इसके लिए पूर्व विधायकों व MLC को भी हर महीने 4- 4 हजार रूपए जमा करने को कहा गया है.इसको लेकर जेडीयू ने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पर निशाना साधा है.
जदयू नेता अजय आलोक समाचार खबरों के हवाले से इस खबर को ट्वीट कर हमला किया है. उन्होंने लिखा, पहले टिकट के लिए पैसा दो, जीतने के बाद तनख़्वाह में कमीशन दो, हार गए हो तो पेंशन में कमीशन दो, अबे नोट खाते हो क्या ? भूख की सीमा होती है, पैसा के मामले में लालू प्रसाद जी आपसे आगे निकल गया ये, कुबेर के राक्षसी साधक हैं ये.
वहीं इस मामले को लेकर राजद के वरीय नेता शिवानंद तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं की सुविधा बढ़ाई गई है. जिसे देखते हुए 10 हजार की राशि कोई बड़ी नहीं है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ये न तो कोई नयी प्रक्रिया है और ना ही यह केवल राजद में होता है. यह सभी राजनीतिक दलों में होता है.
Posted By: Thakur Shaktilochan
