Exhibition of Hindi books : पटना जिले के बिक्रम स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में हिंदी पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत शनिवार को हिंदी कहानियों और विभिन्न साहित्यिक पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई. विद्यालय के पुस्तकालय में आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन प्राचार्य श्री मुख्तार सिंह ने किया.
विद्यार्थियों को बताया हिंदी भाषा और साहित्य का महत्व
उद्घाटन के अवसर पर प्राचार्य श्री मुख्तार सिंह ने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा और साहित्य के महत्व के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पुस्तकों के अध्ययन से विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि होती है. इसके साथ ही भाषा शैली और रचनात्मक क्षमता के विकास में भी पुस्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका है.
नियमित साहित्य अध्ययन के लिए किया प्रेरित
विद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष रूपेश कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी साहित्य की पुस्तकों की प्रदर्शनी विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि और लगाव बढ़ाने में सहायक होती है. उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से हिंदी साहित्य की पुस्तकें पढ़ने की अपील की.
कहानियों से लेकर उपन्यास तक प्रदर्शित
प्रदर्शनी में हिंदी की प्रसिद्ध कहानियों, कविताओं, उपन्यासों और विभिन्न साहित्यिक पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया. विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का उत्साहपूर्वक अवलोकन किया और अपनी पसंद की पुस्तकों के बारे में जानकारी प्राप्त की.
विद्यार्थियों में दिखा खास उत्साह
पुस्तक प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों ने अलग-अलग साहित्यिक पुस्तकों को देखा और उनके विषय में जानकारी ली. शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को पुस्तकों के नियमित अध्ययन और पुस्तकालय के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया.
पठन संस्कृति विकसित करने की पहल
विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने प्रदर्शनी को विद्यार्थियों में पठन संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया. उनका कहना था कि ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों का पुस्तकों के प्रति जुड़ाव बढ़ता है और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार को भी बढ़ावा मिलता है.
शिक्षक और कर्मचारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे. सभी ने हिंदी पुस्तकों की प्रदर्शनी की सराहना की और इसे विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं रचनात्मक विकास के लिए उपयोगी पहल बताया.
