Bihar Film Promotion Policy 2024 : श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में चल रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू-कश्मीर 2026 के तीसरे दिन बिहार पवेलियन आकर्षण का केंद्र रहा. बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की महाप्रबंधक रूबी के निर्देश पर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने देश-विदेश से आए फिल्म मेकर्स को बिहार में फिल्म शूटिंग के लिए आमंत्रित किया.
फिल्म मेकर्स को बिहार की फिल्म नीति की जानकारी
बिहार के प्रतिनिधिमंडल ने फिल्म मेकर्स को बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति 2024 के साथ-साथ राज्य के विभिन्न खूबसूरत शूटिंग लोकेशंस की जानकारी दी. प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बिहार में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.
फिल्म मेकर्स के सामने बिहार के अलग-अलग स्थलों को फिल्म शूटिंग के लिए संभावित लोकेशन के तौर पर प्रस्तुत किया गया. उद्देश्य राज्य के पर्यटन और प्राकृतिक स्थलों को फिल्मों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाना भी है.
बिहार में शूटिंग की योजना बना रहे फिल्म मेकर्स
फिल्म मेकर डॉ. गोपी सष्टू ने कहा कि बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ मिलकर जल्द ही बिहार में फिल्म शूटिंग की योजना बनाई जा रही है. उनके अनुसार, सिंगल विंडो क्लियरेंस और सब्सिडी स्कीम के कारण बिहार के खूबसूरत और अब तक कम इस्तेमाल हुए स्थलों को बड़े पर्दे पर लाना आसान होगा.
उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल फिल्म मेकर्स के साथ मिलकर भी बिहार के बेहतर लोकेशंस पर शूटिंग करने की तैयारी है. इससे राज्य में फिल्म निर्माण की गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
40 देशों की 135 फिल्मों की स्क्रीनिंग
7 से 10 सितंबर 2026 तक चल रहे चार दिवसीय इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में श्रीनगर और गुलमर्ग के विभिन्न स्थानों पर 40 देशों की 135 फिल्मों की स्क्रीनिंग की जा रही है. इसमें दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए फिल्म मेकर्स और सरकारी प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.
फिल्म फेस्टिवल में बिहार की मौजूदगी राज्य की फिल्म नीति और शूटिंग लोकेशंस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का एक अवसर बनी है.
दूसरे राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस समझ रहा बिहार
गुलमर्ग के कंडोला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिहार के प्रतिनिधिमंडल ने देश के अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल में अरविंद रंजन दास, उत्तम ज्योति नारायण और कुमार गौरव शामिल रहे.
इस दौरान अलग-अलग राज्यों में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए अपनायी जा रही सरकारी नीतियों और व्यवस्थाओं पर चर्चा की गयी. बिहार के प्रतिनिधियों ने दूसरे राज्यों के सफल मॉडल और बेस्ट प्रैक्टिस को समझा, ताकि उनमें से उपयोगी व्यवस्थाओं को बिहार में भी लागू किया जा सके.
बिहार में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने की कोशिश
फिल्म फेस्टिवल में बिहार पवेलियन के जरिए राज्य की फिल्म नीति और शूटिंग स्थलों को फिल्म इंडस्ट्री के सामने रखने की कोशिश की जा रही है. फिल्म मेकर्स की ओर से बिहार में शूटिंग की संभावनाओं पर रुचि दिखाये जाने से राज्य में फिल्म निर्माण को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं. आगे बिहार में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए नीति, सुविधाओं और दूसरे राज्यों की बेहतर व्यवस्थाओं के अनुभवों को इस्तेमाल करने पर जोर रहेगा.
