तीन महीने में तैयार होगा इंटरप्रिटेशन सेंटर

राजधानी जलाशय को इको टूरिज्म और संरक्षण स्थल के रूप में विकसित करने की योजना को हरी झंडी इसी साल मार्च के महीने में मिल गयी थी.

पटना. राजधानी जलाशय को इको टूरिज्म और संरक्षण स्थल के रूप में विकसित करने की योजना को हरी झंडी इसी साल मार्च के महीने में मिल गयी थी. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग विभाग की ओर लंबे वक्त से इसे संवारने की लगातार कोशिश हो रही थी. अब इसके लिए करीब 7.5 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत हो गयी है. इस परियोजना के तहत जलाशय के सौंदर्यीकरण, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण-संवेदनशील जोन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जायेगा. इस क्रम जलाशय में पुरानी कैंटीन को तोड़कर इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया. यहां पर स्कूली बच्चे स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. उम्मीद की जा रही है अगले तीन महीने में यह सेंटर बन कर तैयार हो जायेगा. इसके ग्राउंड फ्लोर पर पक्षियों व प्रकृति से जुड़ी डिस्प्ले और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से जुड़े टाइगर की भी जानकारी साझा की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: DURGESH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >