बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत-बचाव अभियान तेज करें

सितंबर में सामान्य से 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि अक्तूबर माह में सामान्य से 417 प्रतिशत अधिक वर्षापात दर्ज किया गया है.

संवाददाता, पटना आपदा प्रबंधन विभाग ने मंगलवार को कहा है कि बिहार मौसम सेवा केन्द्र, पटना से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार राज्य में इस वर्ष जून माह में सामान्य से 25 प्रतिशत कम, जुलाई माह में सामान्य से 33 प्रतिशत कम, अगस्त माह में सामान्य से 08 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है. सितंबर में सामान्य से 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि अक्तूबर माह में सामान्य से 417 प्रतिशत अधिक वर्षापात दर्ज किया गया है. विभाग ने कहा कि एक जून से सात अक्तूबर की अवधि में बिहार राज्य में 920.1 मिमी वर्षापात दर्ज किया गया है जो इस अवधि में सामान्य वर्षापात से नौ प्रतिशत कम है.अगस्त में बिहार में अच्छी वर्षा होने के कारण धान की रोपनी बहुत अच्छी 100 प्रतिशत हुई है. जिससे नदियों का जलस्तर केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त सूचना के अनुसार गंडक नदी डुमरिया घाट में, कोसी नदी बलतारा में, बागमती नदी ढंग, सोनाखान, दुब्बाधार, कंसार, कटौंझा एवं बेनीबाद में, कमलाबलान नदी जयनगर एवं झंझारपुर में, लालबकेया नदी गोवाबरी में, अधवारा नदी सुन्दरपुर एवं पुपरी में, खिरोई नदी कमतौल में, महानन्दा नदी डेंगराघाट में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. विभिन्न नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण भागलपुर, खगड़िया, कटिहार, भोजपुर, सुपौल, सीतामढ़ी, किशनगंज, सहरसा के 26 प्रखंडों में 108 ग्राम पंचायतों के तहत लगभग 3.41 लाख जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित हुई है. विभाग ने कहा बिहार मौसम सेवा केन्द्र के द्वारा अगले 24 घंटे के दौरान अररिया, पूर्णियाँ, किशनगंज एवं कटिहार जिलों के भागों में मध्यम स्तर (64 मिमी तक) की वर्षा होने की संभावना है.

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By DURGESH KUMAR

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