खाद्य प्रसंस्करण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए खुलेगा इन्क्यूबेशन सेंटर

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमइ ) के अंतर्गत राज्य में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम एमओयू पर बुधवार को हस्ताक्षर किये गये.

संवाददाता, पटना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमइ ) के अंतर्गत राज्य में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम एमओयू पर बुधवार को हस्ताक्षर किये गये. यह एमओयू पटना स्थित संजय गांधी दुग्ध प्रौद्योगिकी संस्थान (एसजीआइडीटी) और उद्योग विभाग के बीच हुआ. एसजीआइडीटी बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अधीन संचालित है. एमओयू के जरिये उद्यमिता को संरक्षित करने यहां इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जायेगी. समारोह के अवसर पर उद्योग विभाग के मंत्री नीतीश मिश्र, विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह, निदेशक खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय निखिल धनराज निप्पणीकर, बीएएसयू के कुलपति डॉ. इंदरजीत सिंह, एसजीआइडीटी के डीन डॉ उमेश सिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे. इन्क्यूबेशन सेंटर नये और शुरुआती चरण के व्यवसायों, खासकर स्टार्टअप को विकसित होने और सफल होने में मदद करने के लिए बनाये जाते हैं. यह केंद्र विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान करते हैं. यह इनक्यूबेशन सेंटर एक ऐसा मंच होगा, जहां खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े स्टार्टअप और उद्यम आधुनिक तकनीकों का लाभ बिना बड़े निवेश किये हासिल कर सकेंगे. इस सुविधा का संचालन कस्टम हायरिंग मॉडल पर किया जायेगा. यह केंद्र चार प्रमुख प्रसंस्करण लाइनों से युक्त होगा, जिन्हें पटना के एक जिला , एक उत्पाद तथा स्थानीय व क्षेत्रीय बाजार की मांग को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. पीएमएफएमइ योजना के अंतर्गत बिहार राज्य में स्थापित होने वाला दूसरा इनक्यूबेशन सेंटर होगा.

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Published by: Rakesh ranjan

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