Patna News: पटना जिले के मसौढ़ी नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत व्यस्ततम कर्पूरी चौक पर नियमों को ताक पर रखकर अवैध बालू की खुली मंडी संचालित होने का मामला सामने आया है. चौक के आसपास मुख्य सड़क किनारे दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बालू भरकर खड़ा किया जा रहा है. स्थानीय नागरिकों का गंभीर आरोप है कि बिना किसी वैध परिवहन चालान (E-Challan) और खनन दस्तावेजों के यहां बड़े पैमाने पर बालू की अवैध खरीद-बिक्री की जा रही है.
नगर के इतने प्रमुख और व्यस्त चौराहे पर खुलेआम बालू का अवैध भंडारण और कारोबार होने से स्थानीय प्रशासन व खनन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
सुबह से शाम तक जमे रहते हैं बालू लदे ट्रैक्टर, डंप कर हो रही बिक्री
स्थानीय लोगों के अनुसार, बालू से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सुबह से लेकर देर शाम तक कर्पूरी चौक और उसके आसपास की सड़कों पर कतारबद्ध खड़ी रहती हैं. आरोप है कि विभिन्न अवैध खनन घाटों एवं अन्य क्षेत्रों से बालू की खेप लाकर यहां सड़क किनारे ही डंप की जाती है और फिर खुदरा व थोक ग्राहकों को मनमाने दामों पर बेची जाती है.
यदि यह पूरा कारोबार बिना वैध कागजातों और रॉयल्टी चालान के संचालित हो रहा है, तो इससे सरकार को मिलने वाले लाखों रुपये के खनन राजस्व का सीधा नुकसान हो रहा है.
पुलिस व खनन विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
उल्लेखनीय है कि अवैध बालू खनन और बिना वैध चालान के बालू ढुलाई करने वाले माफिया व वाहनों के खिलाफ खनन विभाग और पुलिस द्वारा समय-समय पर जब्ती व जुर्माने की कार्रवाई की जाती रही है. इसके बावजूद मसौढ़ी के सबसे व्यस्ततम कर्पूरी चौक पर सरेआम बालू मंडी का संचालन होना यह दर्शाता है कि धंधेबाजों में कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है. हालांकि, मौके पर खड़े वाहनों और बालू के वैध स्रोत की वास्तविक पुष्टि खनन विभाग की आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी.
नागरिकों ने की स्रोत की जांच व कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन, पटना पुलिस और खनन विभाग से मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है. लोगों की मांग है कि कर्पूरी चौक पर खड़े सभी बालू लदे वाहनों के परिवहन चालान, खनिज स्रोत और स्टॉक लाइसेंस की सघन जांच की जाए. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संलिप्त ट्रैक्टर मालिकों, चालकों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ खनन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर वाहनों को जब्त किया जाए. शहर के बीचों-बीच मुख्य मार्ग पर अवैध बालू मंडी लगने से होने वाले ट्रैफिक जाम और सरकारी राजस्व की चोरी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए.
