Murder in Patna: पति ने इन लोगों के साथ मिलकर की थी सुरभि राज की हत्या, पुलिस ने डॉक्टर हत्याकांड में किया बड़ा खुलासा

Murder in Patna: सुरभि हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया है. पुलिस ने एशिया हॉस्पिटल की संचालिका हत्याकांड में उसके पति समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है.

Murder in Patna: एशिया हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ सुरभि राज की शनिवार ( 22.03.25) को 7 गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना ने समूचे बिहार को हिला के रख दिया था. पुलिस के सामने इस केस के मुख्य आरोपी को पकड़ने की चुनौती थी. हत्या के 3 दिन के भीतर पटना पुलिस ने मामले का खुलासा किया है. पुलिस टीम के तकनीकी अनुसंधान और सबूतों के संकलन से इस कांड में संलिप्त एशिया हॉस्पीटल के मालिक (मृत्तिका के पति) और उसी हॉस्पीटल में कार्यरत महिला कर्मी एवं अन्य कर्मी की संलिप्तता पायी है. कांड के अनुसंधान के कम में कांड में घटित घटना के घटनास्थल से लैपटॉप, विभिन्न सिम कार्ड और अन्य सामान तथा गिरफतार राकेश रौशन के पास से मृतिका सुरभि राज का बुलेट लगा हुआ मोबाईल फोन तथा एक अन्य गिरफतार मसूद आलम के द्वारा प्रस्तुत किया गया ईवीआर बरामद किया गया है. इस हत्याकांड में एशिया हॉस्पीटल के मालिक (मृत्तिका के पति), महिला कर्मी समेत अन्य तीन कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है.

क्या -क्या बरामद हुआ

  1. एक एप्पल कंपनी का सिल्वर रंग का MAC Book
  2. एक H.P कंपनी का काला रंग का Pro book
  3. ROYAL CHALLENGE कुल 03 पीस कुल 540 एमएल
  4. SANDISK कंपनी का पेन ड्राईव 02 पीस
  5. विभिन्न कम्पनियों का 15 सिम कार्ड
  6. एक ग्रे रंग का टोपी
  7. मोबाईल फोन- 7

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इन लोगों की हुई गिरफतारी

  1. एशिया अस्पताल की महिला स्टाफ
  2. राकेश रौशन उम्र करीब 34 वर्ष उर्फ चंदन सिंह
  3. रमेश कुमार उर्फ अतुल कुमार उम्र करीब 27 वर्ष
  4. अनिल कुमार उम्र 30 वर्ष
  5. मसूद आलम उम्र 34 वर्ष

जांच करने वाली टीम के सदस्य के नाम

सुरभि राज हत्याकांड में खुलासा करने वाले सदस्यों में नीरज कुमार पाण्डेय, विधानचन्द्र, रविन्द्र कुमार, रामसहोदर, मुकेश कुमार, कुन्दन कुमार, अजित कुमार एवं अन्य सशस्त्र बल शामिल थे.

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लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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